नयी दिल्ली, 25 नवंबर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने शनिवार को कहा कि ना तो लोकपाल ने लोकपाल कानून के तहत अपनी वेबसाइट पर मामला संदर्भित करने का कोई आदेश अपलोड किया है और ना ही केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आधिकारिक रूप से कुछ सामने रखा है।
महुआ का यह बयान अधिकारियों के यह कहने के तुरंत बाद आया कि सीबीआई ने उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की है।
महुआ ने ‘एक्स’ पर ‘पोस्ट’ किया, ‘‘उम्मीद है कि मुझे निशाना बनाने से पहले 13,000 करोड़ रुपये का अडाणी कोयला घोटाला सीबीआई की पीई का विषय बनेगा।’’
अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक निकाय (लोकपाल) की ओर से मामले को संदर्भित करने पर सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद निशिकांत दुबे ने पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों को लेकर मोइत्रा के खिलाफ एक शिकायत के साथ लोकपाल का रुख किया था।
दुबे ने मोइत्रा पर मौद्रिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगाया था।
इस मुद्दे पर सीबीआई या लोकपाल की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।
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