देश की खबरें | एनएमसी ने एमबीबीएस प्रवेश, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए नये नियम अधिसूचित किये
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर नवगठित राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने नये मेडिकल कॉलेज खोलने और उससे संबद्ध शिक्षण अस्पतालों के लिए न्यूनतम पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता के प्रावधान को हटा दिया है वहीं कौशल प्रयोगशालाएं बनाना अनिवार्य कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि 25 सितंबर, 2020 को एनएमसी का गठन हुआ था और उसने नये मेडिकल कॉलेज बनाने की जरूरतों की विस्तृत सूची जारी की है।

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नये अधिसूचित नियमों के अनुसार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिस्तरों की संख्या की आवश्यकता 100 सीटों के कॉलेज के लिए 530 से घटाकर 430 कर दी गयी है और 200 सीटों के कॉलेज के लिए 930 से घटाकर 830 कर दी गयी है।

किसी शिक्षण अस्पताल के अनेक विभागों में बिस्तरों की संख्या सालभर में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या, क्लीनिकल विशेषज्ञताओं में खर्च होने वाले समय आदि के अनुरूप बदली गयी है।

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नये नियमों के तहत शिक्षण संकाय के मानव संसाधन की संख्या में भी बदलाव किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि संस्थानों की कामकाजी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नये मानक परिभाषित किये गये हैं।

उसने कहा, ‘‘किफायती चिकित्सा शिक्षा के प्रति महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने प्रारंभिक प्रमुख नियम अधिसूचित किये हैं। ‘वार्षिक एमबीबीएस प्रवेश नियमों के लिए न्यूनतम आवश्यकताएं (2020)’ शीर्षक से जारी अधिसूचना पूर्ववर्ती भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) के ‘मेडिकल कॉलेजों के लिए न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, 1999’ की जगह लेगी।’’

इसमें कहा गया है कि नये नियमों में किसी मेडिकल कॉलेज और इससे संबंध प्रशिक्षण अस्पतालों की स्थापना के लिए जरूरी जमीन की परिमाप का प्रावधान हटा दिया गया है।

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