नयी दिल्ली, 21 अप्रैल नीति आयोग ने बृहस्पतिवार को बैटरी अदला-बदली नीति का मसौदा जारी किया। इसके तहत पहले चरण में बैटरी अदला-बदली नेटवर्क के विकास को लेकर 40 लाख से अधिक आबादी वाले सभी महानगरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आयोग ने नीति के मसौदे में कहा कि राज्यों की राजधानियों, केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यालय समेत पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि बैटरी अदला-बदली व्यवस्था वाले वाहनों को बिना बैटरी के बेचा जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदारों के लिये गाड़ी की लागत कम बैठेगी।
नीति के मसौदे के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या इकाई किसी भी स्थान पर बैटरी अदला-बदली स्टेशन स्थापित करने को स्वतंत्र है। लेकिन इसके लिये जरूरी है कि निर्धारित तकनीकी, सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों का पालन किया जाए।
चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लेकर शहरी क्षेत्रों में जगह की कमी को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022-23 के अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि केंद्र बैटरी अदला-बदली नीति लाएगा।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संदर्भ में नीति आयोग ने मजबूत और व्यापक नीति रूपरेखा तैयार करने के लिए फरवरी, 2022 में अंतर-मंत्रालयी चर्चा शुरू की थी।
मसौदा विचार-विमर्श के लिये जारी किया गया है। आयोग ने पांच जून तक लोगों से इस पर अपने सुझाव देने को कहा है।
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