नयी दिल्ली, 16 नवंबर दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में पिछले तीन साल सफेद बाघों और शेरों सहित इस प्रजाति के नौ जानवरों की मौत हुई है। यह उद्यान एशियाई शेरों और बंगाल बाघों का संरक्षण केंद्र है।
उद्यान द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में एक शेरनी, एक बंगाल बाघ और दो सफेद बाघिन की मृत्यु हो गयी थी जबकि वर्ष 2021-22 में एक शेर और एक शेरनी की मृत्यु हुयी थी। वर्ष 2022-23 में तीन सफेद बाघ की मौत हो गयी जिनमें दो नर और एक मादा थी।
प्राणी उद्यान में जानवरों की संख्या से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, बीते तीन वर्ष में यहां पशु मृत्यु दर 11-13 प्रतिशत के बीच रही।
वर्ष 2022-23 में मृत्यु दर 11.22 प्रतिशत, वर्ष 2021-22 में 11.79 प्रतिशत और वर्ष 2020-21 में 12.34 प्रतिशत थी।
आंकड़ों के अनुसार, प्राणी उद्यान में एक अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2023 के बीच कुल 125 जानवरों की मौत हुई। 31 मार्च, 2023 को इसमें 1,247 जानवर थे।
उद्यान में एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक कुल 137 जानवरों की मौतें हुई जबकि 31 मार्च, 2022 को जानवरों की संख्या 1,114 थी।
आंकड़ों में बताया गया कि एक अप्रैल, 2022 को चिड़ियाघर में कुल 1,114 जानवर थे। इनमें से 244 नवजात जानवर थे और 37 जानवर बाहर से लाए गए थे। वहीं, 23 जानवर अन्य प्राणी उद्यानों को दिए गए थे।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की निदेशक आकांक्षा महाजन ने कहा, "हम जानवरों के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उचित उपाय कर रहे हैं। मृत्यु दर के आंकड़े कम हो रहे हैं जो एक अच्छा संकेत है। हम इस आंकड़े को और कम करना चाहते हैं।"
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