विदेश की खबरें | तख्तापलट का नेतृत्व करने वाले नाइजर के जनरल ने लोगों, अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से समर्थन मांगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सेना ने दो दिन पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को हिरासत में ले लिया था जिससे देश में राजनीतिक अराजकता पैदा हो गई।

जनरल अब्दुर्रहमान त्चियानी को उन विद्रोही सैनिकों का नेता घोषित किया गया है जिन्होंने तख्तापलट करते हुए लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति को हिरासत में ले लिया है। नाइजर सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी।

त्चियानी ने सैन्य तख्तापलट के दो दिन बाद शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश को विनाश से बचने के लिए दिशा बदलने की जरूरत है और इसलिए उन्होंने तथा अन्य लोगों ने हस्तक्षेप करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं तकनीकी और वित्तीय साझेदारों से, जो नाइजर के मित्र हैं, हमारे देश की विशिष्ट स्थिति को समझने का आग्रह करता हूं ताकि इसे चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सभी सहायता प्रदान की जा सके।’’

इससे पहले, नाइजर में सेना के विभिन्न गुट शुक्रवार को सत्ता के लिए संघर्षरत दिखे। एक विश्लेषक और एक पश्चिमी सैन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पड़ोसी देश नाइजीरिया का एक प्रतिनिधिमंडल आने के तुरंत बाद ही लौट गया और एक क्षेत्रीय निकाय की ओर से मध्यस्थ नामित किए गए बेनिन के राष्ट्रपति नहीं पहुंचे।

इस संबंध में एक वार्ता के दौरान प्रतिभागियों से बातचीत में एक विश्लेषक ने कहा कि तख्तापलट करने वाले राष्ट्रपति गार्ड के सदस्य सेना के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं कि किसे प्रभारी नेता होना चाहिए।

विश्लेषक ने हालात की संवेदनशीलता के मद्देनजर अपना नाम उजागर नहीं करने का अनुरोध किया।

वहीं, एक पश्चिमी सैन्य अधिकारी ने पुष्टि की कि विभिन्न सैन्य गुट वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

पापुआ न्यू गिनी में बातचीत के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तख्तापलट की निंदा करते हुए इसे ‘‘पूर्ण रूप से अवैध और लोगों के लिए बहुत खतरनाक’’ करार दिया।

मैक्रों ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम से कई बार बातचीत की और कैद में बंद नेता का स्वास्थ्य ठीक है।

बृहस्पतिवार को लोग बड़ी संख्या में राजधानी नियामी में एकत्र हुए थे और उन्होंने कारों को जला दिया तथा राष्ट्रपति के राजनीतिक दल के मुख्यालय में तोड़फोड़ की।

एपी

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