देश की खबरें | जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ कार्रवाई के तहत एनआईए ने जम्मू कश्मीर में 15 स्थानों पर छापे मारे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कार्रवाई के तहत शनिवार को जम्मू-कश्मीर के 15 स्थानों पर छापेमारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जम्मू/श्रीनगर, 10 फरवरी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कार्रवाई के तहत शनिवार को जम्मू-कश्मीर के 15 स्थानों पर छापेमारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
संघीय एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि श्रीनगर और जम्मू के साथ-साथ बडगाम और दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग में छापेमारी के दौरान जेईआई और उससे संबंधित ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई।
हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जम्मू में गुज्जर नगर और शहीदी चौक पर एक निजी स्कूल पर और उसके चेयरमैन समेत अन्य पदाधिकारियों को लक्षित करते हुए की गई छापेमारी के दौरान पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि कुलगाम जिले में जमात के पूर्व प्रमुख शेख गुलाम हसन और एक अन्य नेता सयार अहमद रेशी के आवास पर भी छापेमारी की गई।
जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर फरवरी, 2019 में केंद्र द्वारा पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए की कई टीम ने श्रीनगर में पांच, बडगाम में तीन, कुलगाम में दो, अनंतनाग में एक और जम्मू में चार स्थानों पर विभिन्न संदिग्धों के परिसरों पर छापेमारी की।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ पांच फरवरी, 2021 को दर्ज मामले की अब तक की जांच से पता चला है कि जेईआई और उसके सदस्यों ने फरवरी, 2019 में गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखा है।’’
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के संचालक भारत और विदेशों से चंदे के माध्यम से धन एकत्र कर रहे थे। एनआईए ने कहा कि कथित तौर पर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य कल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के नाम पर जुटाया गया धन मुख्य रूप से ‘जकात, मौदा और बैत-उल-माल’ के रूप में एकत्र किया गया था, लेकिन इस धन का इस्तेमाल हिंसा और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया।
प्रवक्ता ने कहा ने कि जेईआई द्वारा जुटाए गए धन को जेईआई के नेटवर्क के माध्यम से हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को भी भेजा जा रहा था।
प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए ने इसके पहले इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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