नयी दिल्ली, तीन अगस्त राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन अलकायदा के एक कथित सदस्य के खिलाफ लखनऊ की एक विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि वैश्विक आतंकी संगठन की भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (एक्यूआईएस) इकाई के लिए लोगों की भर्ती करने के प्रयास से जुड़े मामले में मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के अरीबाग-माचोवा क्षेत्र निवासी तौहीद अहमद शाह के खिलाफ आरोपपत्र लखनऊ में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दायर किया गया था।
इससे पहले, इस साल पांच जनवरी को एनआईए ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था और आरोपपत्र दायर किया था। शुरू में मामला 10 जनवरी, 2022 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) थाने में दर्ज किया गया था। संघीय एजेंसी एनआईए ने 29 जुलाई, 2021 को मामला फिर से दर्ज किया था।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस सूचना पर मामला दर्ज किया गया था कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा आधारित अलकायदा का सदस्य उमर हलमंडी लोगों को कट्टरपंथी बना रहा है और एक्यूआईएस के लिए भर्ती कर रहा है।
इसने कहा कि उस पर अलकायदा मॉड्यूल और अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच), जो कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन का एक विस्तारित संगठन है, को लखनऊ में आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए खड़ा करने का आरोप है।
प्रवक्ता ने कहा कि जांच से पता चला है कि शाह, जिसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दायर किया गया था, ने आरोपी बनाए गए पांच लोगों में से एक मिन्हाज अहमद को अलकायदा में शामिल होने के लिए उकसाया और उसे आतंकवादी कृत्यों के लिए एजीएच में अधिक से अधिक सदस्यों की भर्ती करने का निर्देश दिया था।
अधिकारी ने कहा कि शाह मारे गए आरोपी आतंकवादियों- लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के आदिल नबी तेली तथा एजीएच के सैयद बशारत के लिए ‘ओवरग्राउंड वर्कर’ के रूप में काम कर रहा था जिसने मिन्हाज से धन प्राप्त किया और तेली तथा बशारत को धन पहुंचाया।
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