देश की खबरें | एनआईए ने रामलिंगम हत्याकांड में छापेमारी की, नकद ईनाम की घोषणा की

नयी दिल्ली, 23 जुलाई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण का विरोध करने पर 2019 में एक व्यक्ति की हत्या से जुड़े ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) साजिश मामले में रविवार को तमिलनाडु में 21 स्थानों पर छापेमारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

रामलिंगम की पांच फरवरी, 2019 को तंजावुर में पीएफआई के सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पीएफआई ने हमले की साजिश रची थी।

छापेमारी पांच भगोड़े अपराधियों (पीओ) और प्रतिबंधित संगठन के संदिग्ध पदाधिकारियों के आवासीय परिसरों पर की गई। छापेमारी नेल्लई मुबारक के परिसरों पर भी की गई है, जो सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि जिन अन्य लोगों के घरों पर छापेमारी की गई, उनमें फरार आरोपी मोहम्मद अली जिन्ना, अब्दुल मजीद, बुरखानुद्दीन, शाहुल हमीद और नफील हसन शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा कि एनआईए ने पांच भगोड़ों में से किसी के भी बारे में सूचना देने पर पांच लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

मामले में पहले से ही गिरफ्तार अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चल रहा है।

एनआईए ने चेन्नई की एक विशेष अदालत के समक्ष पांच फरार व्यक्तियों सहित 18 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।

प्रवक्ता ने कहा कि तंजावुर, मदुरै, तिरुनेलवेली, तिरुपुर, विल्लुपुरम, त्रिची, पुदुकोट्टई, कोयंबटूर और मयिलादुथुराई जिलों में छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण (मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड) और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए।

केंद्र सरकार ने पिछले साल 28 सितंबर को पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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