नयी दिल्ली, 10 अगस्त राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने लिट्टे से संबंध रख चुके एक व्यक्ति द्वारा चलायी जा रही सीमापार मानव तस्करी के मामले में शनिवार को एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गयी है।
एनआईए ने बताया कि आरोपी सीनी अब्दुलखान को तमिलनाडु के रामनाथपुरम से पकड़ा गया।
एजेंसी के बयान में बताया गया है कि जांच में पाया गया है कि वह और उसके साथी तस्करी के शिकार लोगों को गहरे समुद्र में नौका पर बंधक बनाकर रखते थे और फिर बाद में उन्हें ट्रेन, कार, मोटरसाइकिल से मंगलुरु भेजते थे, जहां इन लोगों को फिर बंधक बनाकर रखा जाता था।
इसमें कहा गया है, ‘‘फरार होने के तीन साल बाद एनआईए ने शनिवार को श्रीलंकाई मानव तस्करी मामले में एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया। यह तस्करी लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) आतंकवादी संगठन से संबंध रखने वाले एक श्रीलंकाई द्वारा चलायी जा रही थी।’’
एनआईए ने यह मामला अपने हाथ में लिया था। इससे पहले मंगलुरु सिटी पुलिस ने मूल रूप से मामला दर्ज किया था। जून, 2021 में तलाशी के दौरान 13 श्रीलंकाई नागरिकों को मुक्त कराया गया था।
एनआईए जांच में खुलासा हुआ था कि श्रीलंकाई नागिरक इसान इस कबूतरबाजी का सरगना है जिसका लिट्टे से संबंध रह चुका है।
जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘उसने झूठे वादों के जरिए 38 श्रीलंकाई नागरिकों को अपने जाल में फंसाने और उन्हें अवैध रूप से श्रीलंका से तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर लाने के लिए अन्य आरोपियों के साथ साठगांठ की।’’
एनआईए जांच के अनुसार कनाडा जाने के वास्ते वैध कागजात दिलाने में मदद करने का वादा करने के अलावा उन्हें नौकरी का लालच दिया गया था।
विस्तृत जांच के बाद एनआईए ने तीन फरार लोगों समेत 10 आरोपियों के विरूद्ध अक्टूबर, 2021 और जनवरी, 2024 के बीच आरोपपत्र दाखिल किया। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जांच चल रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY