देश की खबरें | एनआईए ने श्रीलंकाई नागरिकों से जुड़े मानव तस्करी मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ा

बेंगलुरु, 23 अक्टूबर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने श्रीलंकाई नागरिकों से जुड़े मानव तस्करी मामले में वांछित 39 वर्षीय एक व्यक्ति को दो साल से अधिक समय की तलाश के बाद तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है।

संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में कथित तौर पर प्रमुखता से शामिल मोहम्मद इमरान खान जून 2021 से फरार था।

अधिकारी ने कहा कि फरार लोगों पर नजर रखने वाली एनआईए के बेंगलुरु कार्यालय की टीम पिछले कई महीनों से खान की गतिविधियों पर नजर रख रही थी जिसके चलते रविवार को तमिलनाडु के थेनी जिले से उसकी गिरफ्तारी हुई।

एनआईए के प्रवक्ता के मुताबिक, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तमिलनाडु के रामनाथपुरम का निवासी खान एक कुख्यात तस्कर है, जिसका क्षेत्र में अवैध गतिविधियों का लंबा इतिहास है।

अधिकारी ने कहा, "वह एक भगोड़ा था जिसकी कई कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को विभिन्न अवैध कार्यों में संलिप्तता को लेकर तलाश थी।"

प्रवक्ता ने कहा कि संबंधित मामला उस घटना से जुड़ा है जब मैंगलोर दक्षिण पुलिस ने इस विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई की कि श्रीलंकाई नागरिकों का एक समूह वैध दस्तावेजों के बिना कर्नाटक के मैंगलोर में आकर निवास कर रहा है। उन्होंने कहा कि 6 जून, 2021 को मैंगलोर से 38 श्रीलंकाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘जांच से पता चला कि श्रीलंकाई नागरिकों को श्रीलंका से तमिलनाडु और बेंगलुरु के रास्ते मैंगलोर लाया गया था। मामले के अंतरराष्ट्रीय आयामों को पहचानते हुए एनआईए ने हस्तक्षेप किया और मामला फिर से दर्ज किया।’’

अधिकारी ने कहा कि जांच से पता चला है कि खान ने पूर्व में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) से जुड़े श्रीलंकाई नागरिक ईसान के साथ मिलकर 38 श्रीलंकाई नागरिकों को उनके गृह देश से अवैध रूप से तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों पर ले जाने की योजना तैयार की थी।

प्रवक्ता ने कहा, "उन्होंने इन व्यक्तियों को झूठे वादों का लालच दिया, जिसमें कनाडा में प्रवास के लिए वैध दस्तावेज प्राप्त करने और रोजगार के अवसर हासिल करने की संभावना भी शामिल थी। खान ने अन्य सह-आरोपियों के साथ श्रीलंकाई नागरिकों की बेंगलुरु और मंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर तस्करी की।"

जांच से यह भी पता चला कि खान अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ी व्यापक साजिश में प्रमुखता से शामिल रहा है।

एनआईए के प्रवक्ता ने कहा, "उसने श्रीलंकाई नागरिकों को उनके गृह देश से भारत और उसके बाद अन्य देशों में ले जाने वाले मुख्य माध्यम के रूप में काम किया।"

संघीय एजेंसी ने 5 अक्टूबर, 2021 को पांच व्यक्तियों-दिनाकरन उर्फ ​​‘अय्या’, कासी विश्वनाथन, रसूल, साथम उशेन और अब्दुल मुहीतु के खिलाफ प्रारंभिक आरोपपत्र दायर किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)