देश की खबरें | एनआईए ने 2012 के लश्कर आतंकी समूह भर्ती मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक भारतीय डॉक्टर को सऊदी अरब से यहा प्रत्यर्पित होने के बाद गिरफ्तार किया है। डॉक्टर 2007 में ग्लासगो में बम विस्फोट करने वाले व्यक्ति का भाई है और वह पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लिए भारत में भर्तियां करने के आरोप में सऊदी में हिरासत में बंद था।
बेंगलुरु, 30 अगस्त राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक भारतीय डॉक्टर को सऊदी अरब से यहा प्रत्यर्पित होने के बाद गिरफ्तार किया है। डॉक्टर 2007 में ग्लासगो में बम विस्फोट करने वाले व्यक्ति का भाई है और वह पाकिस्तान के आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लिए भारत में भर्तियां करने के आरोप में सऊदी में हिरासत में बंद था।
सऊदी के एक अस्पताल में काम कर चुका आरोपी डॉक्टर सबील अहमद, ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में ग्लासगो हवाईअड्डे पर 2007 में बम विस्फोट करने वाले एरोनॉटिकल इंजीनियर काफील अहमद का छोटा भाई है। कफील का मिशन असफल हो गया और बम विस्फोट होने से दो अगस्त को उसकी मौत हो गई।
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सबील अहमद (38), उस वक्त लंदन में था। सऊदी अरब से नयी दिल्ली लौटते हुए एनआईए ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सबील 2010 में सऊदी अरब आया और वहां किंग फहाद अस्पताल में काम करने लगा।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए लोगों की भर्ती करने में कथित संलिप्पता को लेकर हिरासत में लिए जाने के बाद सबील को सऊदी से प्रत्यर्पित किया गया। इस संबंध में 2012 में बेंगलुरु में सबील सहित 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सबील के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुक आउट नोटिस जारी किया गया।
शुरुआत में यह मामला बेंगलुरु पुलिस ने दर्ज किया था और दावा किया था कि स्तंभकार प्रताप सिम्हा पर हमले की साजिश की गई थी। सिम्हा अब भाजपा से लोकसभा सदस्य हैं।
इस सिलसिले में अभी तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनमें से 14 लोग अपनी सजा काटने के बाद रिहा हो चुके हैं।
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