देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश में नकली दवाओं के उत्पादन के मद्देनजर एनएचआरसी ने भेजे नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उन खबरों पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को नोटिस भेजा, जिनमें दावा किया गया है कि हिमाचल प्रदेश में भोजन की पूरक खुराक के नाम पर नकली विटामिन, सिरप और दवाओं के उत्पादन का केंद्र बन गया है।

नयी दिल्ली, दो जून राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उन खबरों पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को नोटिस भेजा, जिनमें दावा किया गया है कि हिमाचल प्रदेश में भोजन की पूरक खुराक के नाम पर नकली विटामिन, सिरप और दवाओं के उत्पादन का केंद्र बन गया है।

एनएचआरसी ने शुक्रवार को मीडिया में आयी खबरों के हवाले से कहा कि पहाड़ी राज्य के सोलन जिले में स्थित कंपनियां सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी का फायदा उठा रही हैं।

एनएचआरसी ने एक बयान में कहा है कि कथित तौर पर, इस क्षेत्र में 100 से अधिक न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियां सक्रिय हैं, जिनके पास खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत केवल खाद्य उत्पादों का उत्पादन करने का लाइसेंस है। इसलिए, ये डीसीजीआई और राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग के दायरे से बाहर हैं।

एनएचआरसी ने कहा कि उसने “मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है कि हिमाचल प्रदेश में सोलन का बद्दी औद्योगिक क्षेत्र न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियों द्वारा भोजन की पूरक खुराक के नाम पर नकली विटामिन, सिरप और दवाओं का उत्पादन केंद्र बन गया है।”

आयोग ने पाया है कि मीडिया की रिपोर्ट यदि सही है तो सरकारी विभागों की ओर से समन्वय की स्पष्ट कमी और उदासीनता के कारण लोगों के जीवन के अधिकार से संबंधित एक गंभीर मुद्दा उठता है।

इसने कहा है कि तदनुसार आयोग ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) के सचिव, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अध्यक्ष और भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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