देश की खबरें | एनजीटी ने एसटीपी पर अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से किया मना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है जिसमें बेंगलुरु में 50 से अधिक फ्लैटों वाले अपार्टमेंट्स में जलमल शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने और दोहरी पाइलपालन की व्यवस्था करने से छूट देने वाली अधिसूचना को वापस लेने का अनुरोध किया गया है।
नयी दिल्ली, छह अगस्त राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है जिसमें बेंगलुरु में 50 से अधिक फ्लैटों वाले अपार्टमेंट्स में जलमल शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने और दोहरी पाइलपालन की व्यवस्था करने से छूट देने वाली अधिसूचना को वापस लेने का अनुरोध किया गया है।
उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए एनजीटी ने कहा कि वह सरकार द्वारा जारी अधिसूचना या नीतिगत फैसले को रद्द करने के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
न्यायमूर्ति के रामकृष्णन और विशेषज्ञ सदस्य सैबल दासगुप्ता की पीठ ने कहा, ‘‘अत: उस आदेश को देखते हुए यह अधिकरण याचिका में किए गए अनुरोध को स्वीकार नहीं कर सकता है।’’
एनजीटी ने कहा कि उसकी प्रधान पीठ ने बेलंदूर और अन्य झीलों के आसपास बने अपार्टमेंट्स मालिकों द्वारा एसटीपी लगाने के मुद्दे पर पहले ही संज्ञान ले रखा है। झीलों के पास बने इन अपार्टमेंट्स से निकलने वाले कचरे से प्रदूषण होता है।
एनजीटी की दक्षिणी पीठ ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता को कोई शिकायत है तो वह अपील कर सकता है।
एनजीटी फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट्स एसोसिएशन बेंगलुरु की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई जिसमें फ्लैट मालिकों/डेवलपरों द्वारा फ्लैट निर्माण इलाकों में एसटीपी लगाने की जिम्मेदारी तय की गई।
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