देश की खबरें | ‘हरित शवदाहगृह’ चलाने वाले एनजीओ ने कोविड-19 मृतकों का अंतिम संस्कार करने की पेशकश की
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नयी दिल्ली, 30 मई राष्ट्रीय राजधानी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में कई हरित शवदाहगृह चलाने वाले एक एनजीओ ने शनिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अर्जी देकर कोविड-19 से मरने वालों का अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी सेवा देने की पेशकश की है।

अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल के माध्यम से एनजीओ मोक्षदा पर्यावरण एवं वन सुरक्षा समिति ने यह अर्जी दी है। उनका कहना है कि इसपर तीन जून को सुनवाई होनी है।

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मोक्षदा ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसने दिल्ली में 16 हरित शवदाहगृह बनाए हैं जिनमें से छह निगम बोध घाट पर हैं और वहां दिन में 24 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।

यह पता चलने के बाद कि अदालत ने कोविड-19 से मरने वालों का अंतिम संस्कार करने की सुविधाओं की कमी पर स्वतं:संज्ञान लिया है, एनजीओ ने अर्जी देकर अपनी सेवा देने की पेशकश की है।

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कोविड-19 से मरने वालों के अंतिम संस्कार की सुविधा की कमी और मुर्दाघरों में बढ़ती शवों की संख्या से नराज उच्च न्यायालय ने 28 मई को स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका जारी की और कहा कि यदि यह सच है तो ‘‘बहुत असंतोषजनक है और मृत व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन है।’’

अदालत ने कहा कि बृहस्पतिवार को अखबारों में आयी खबरों को देखकर वह बहुत दुखी हैं।

खबरों में कहा गया है कि निगमबोध घाट और पंजाबी बाद शमशानों में शवदाह वाली सीएनजी मशीनें काम नहीं कर रही हैं।

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