नयी दिल्ली, 18 अगस्त ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों द्वारा स्थापित नव विकास बैंक (एनडीबी) ने ब्रिक्स व्यापार मंच के साथ सामंजस्य पर जोर दिया है। एनडीबी का मानना है कि इससे व्यवसाय जगत के साथ सहयोग की संभावनायें बढ़ेंगी।
एनडीबी की स्थापना ब्रिक्स देशों ने समूह के देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचा और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने को की थी।
एनडीबी के अध्यक्ष मार्कोस ट्रॉयजो ने कहा कि ब्रिक्स व्यापार मंच के साथ तालमेल से कारोबार क्षेत्र के साथ नई संभावनाओं को बढ़ाने का बल मिलेगा।
वह ब्रिक्स व्यापार परिषद राष्ट्रीय चैप्टर चेयर्स के पूर्ण सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बैंक रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समर्थन देता है। साथ ही वह मुख्य विकास जरूरतों को पूरा करता है और सतत विकास लक्ष्यों, परिवहन, शहरी विकास, स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और पर्यावरण दक्षताओं में योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों में एनडीबी की 70 से अधिक परियोजनाएं हैं। परियोजना मंजूरी करीब 30 अरब डॉलर की है।
ब्रिक्स व्यवसाय परिषद की भारतीय इकाई के चेयरमैन ओंकार कंवर ने कहा कि निरंतरता एनडीबी परिचालन का मूल है। बैंक ने प्रथम पांच वर्ष का चक्र पूरा किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हरित और स्वच्छ ऊर्जा हमेशा ही एनडीबी परिचालन का मुख्य केन्द्र रहा है। बैंक ने पिछले पांच साल के दौरान 50 स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी। इनमें से अधिकतम नवीकरण ऊर्जा क्षेत्र से हैं। हमारी उम्मीद है कि एनडीबी ढांचागत और कृषि व्यवसाय जैसी अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में भी सहयोग करेगा।’’
अजय
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