देश की खबरें | भाजपा से ‘फिर कभी’ नाता नहीं तोड़ेंगे : नीतीश कुमार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार विधानसभा चुनाव में अब जबकि कुछ ही महीने बचे हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आश्वासन दिया कि वह ‘फिर कभी’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ नहीं छोड़ेंगे, जबकि वह ‘दो बार गलती से’ ऐसा कर चुके हैं।
पटना, 30 मार्च बिहार विधानसभा चुनाव में अब जबकि कुछ ही महीने बचे हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आश्वासन दिया कि वह ‘फिर कभी’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का साथ नहीं छोड़ेंगे, जबकि वह ‘दो बार गलती से’ ऐसा कर चुके हैं।
जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष ने यह बात पटना में आयोजित एक समारोह के दौरान कही। इस कार्यक्रम में शाह और उन्होंने केंद्र और राज्य की कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
उन्होंने शनिवार देर रात कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘‘बिहार में हमारी जीत का असर दूर-दूर तक होगा।’’
शाह ने हाल में एक समाचार चैनल से बातचीत में यह कहने से परहेज किया था कि नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
हालांकि, पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शाह कुमार के साथ गर्मजोशी से मिले।
नीतीश कुमार ने कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘इससे पहले सत्ता में रहने वाले (राजद-कांग्रेस गठबंधन) क्या करते थे। वे मुसलमानों के वोट लेते थे, लेकिन समुदायों के बीच झगड़े को कभी रोक नहीं पाए।’’
उन्होंने राज्य में जदयू-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने को याद करते हुए कहा, ‘‘बिहार में नाम मात्र भी स्वास्थ्य सेवा नहीं थी। अच्छी शैक्षणिक सुविधाएं नहीं थीं। हम नवंबर, 2005 में सत्ता में आए और चीजें सुधरने लगीं।’’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘मैं अपील करना चाहता हूं कि 2025 के विधानसभा चुनाव में मोदी जी और नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार में एक बार फिर से राजग की सरकार बनाइए और भारत सरकार को मौका दीजिए बिहार का विकास करने का। हम वादा करते हैं कि जदयू और भाजपा, हमारे साथी दल मिलकर, बिहार को तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे ले जाएंगे। और मुझे भरोसा है कि बिहार की जनता पूरे देश को राजनीतिक रास्ता दिखाती है, यहीं से बिहार का रास्ता प्रशस्त होगा।’’
बाद में गोपालगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘2025 में ही बिहार में चुनाव होने जा रहा है। बिहार को एक बार तय करना है कि हमें लालू-राबड़ी के जंगल राज की ओर जाना है या मोदी जी और नीतीश कुमार के विकास के रास्ते पर जाना है।’’
वर्ष 1990 के दशक के मध्य से भाजपा के सहयोगी रहे कुमार 2014 में राजग से अलग हो गए थे, लेकिन तीन साल बाद फिर से साथ हो गए।
उन्होंने 2022 में फिर से अपने रास्ते अलग कर लिए और भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने और देश भर की पार्टियों को एक साथ लाकर 'इंडिया' गठबंधन बनाने और उसे मजबूत करने की दिशा में सक्रिय हो गए। हालांकि, पिछले साल के लोकसभा चुनाव से पहले, जद(यू) के सुप्रीमो ने एक बार फिर अपना रुख बदला और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापस आ गए।
अपने भाषण में, कुमार ने भाजपा से अपने अलगाव के लिए ‘‘अपनी ही पार्टी के कुछ लोगों’’ को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन जोर देकर कहा कि ‘‘मैंने दो बार गलती की। लेकिन ऐसा फिर कभी नहीं होगा।’’
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