विदेश की खबरें | नेतन्याहू, मोदी ने बाब-अल-मंडेब में नौवहन स्वतंत्रता, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हमले रोकने को लेकर चर्चा की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी से बात की और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं व्यापार पर हो रहे ‘हमलों’ को रोकने एवं दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के महत्व पर चर्चा की।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यरूशलम/नयी दिल्ली, 19 दिसंबर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी से बात की और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं व्यापार पर हो रहे ‘हमलों’ को रोकने एवं दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के महत्व पर चर्चा की।

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नेतन्याहू ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की।

बयान में कहा गया, "दोनों नेताओं ने बाब-अल-मंडेब में नौवहन की स्वतंत्रता को सुरक्षित करने के महत्व पर चर्चा की, जिसे ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों की आक्रामकता से खतरा है, और साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं व्यापार पर हमलों को रोकने में वैश्विक हित तथा भारत और इजराइल की अर्थव्यवस्थाओं के महत्व पर भी चर्चा की।’’

इसमें कहा गया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता एक आवश्यक वैश्विक आवश्यकता है जिसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।"

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ इजराइल-हमास के बीच जारी संघर्ष पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ, जिसमें समुद्री यातायात की सुरक्षा पर साझा चिंताएं भी शामिल थीं।"

उन्होंने कहा, ‘‘प्रभावितों के लिए निरंतर मानवीय सहायता के साथ क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के पक्ष में भारत के निरंतर रुख पर प्रकाश डाला।’’

हमास के साथ इजराइल के युद्ध के मद्देनजर यमन के हुती विद्रोहियों ने लाल सागर में इजराइल से संबंधित जहाजों को निशाना बनाया है। पिछले कुछ दिनों में, दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के माध्यम से आवाजाही बंद कर दी है या मार्ग बदल दिया है।

फलस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल के भीतर किए गए भीषण और औचक हमले के बाद इजराइल ने गाजा पट्टी पर लगातार हवाई और जमीनी हमले शुरू कर दिए जो अब तक जारी हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने भारत से इजराइल में कामगारों के आगमन को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की।

इज़राइल को निर्माण परियोजनाओं को जारी रखने के लिए तत्काल श्रमिकों की आवश्यकता है और ठेकेदारों ने जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से हजारों लोगों को लाने के लिए सरकार से जोरदार अपील की है।

इजराइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकत ने इस साल अप्रैल में अपनी भारत यात्रा के दौरान इजराइल के अवसंरचना उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से श्रमिकों को लाने की संभावना पर चर्चा की थी।

बयान में कहा गया कि नेतन्याहू ने “हमास आतंकवादी संगठन को खत्म करने के लिए इजराइल के उचित युद्ध में भारत के समर्थन” के लिए भी मोदी को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सात अक्टूबर के बर्बर हमलों की निंदा की थी।

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