विदेश की खबरें | सदन भंग करने के खिलाफ रिट याचिकाओं पर 27 और 28 मई को सुनवाई करेगा नेपाल का उच्चतम न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेपाल का उच्चतम न्यायालय प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ कई रिट याचिकाओं पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सुनवाई करेगा। यह जानकारी मीडिया ने दी है।

काठमांडू, 25 मई नेपाल का उच्चतम न्यायालय प्रतिनिधि सभा को भंग करने के खिलाफ कई रिट याचिकाओं पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सुनवाई करेगा। यह जानकारी मीडिया ने दी है।

राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने पांच महीने में दूसरी बार शनिवार को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की सलाह पर 12 नवंबर और 19 नवंबर को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की।

उन्होंने प्रधानमंत्री ओली और विपक्षी गठबंधन के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया। ओली और विपक्ष के नेता शेर बहादुर देउबा ने प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी की थी।

‘द हिमालयन टाइम्स’ अखबार ने खबर दी कि उच्चतम न्यायालय बृहस्पतिवार और शुक्रवार को रिट याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

इसने बताया कि कुल दायर रिट में से 19 ने सदन भंग करने के सरकार के कदम पर अंतरिम आदेश देने की मांग की है जिन पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।

इसने बताया कि 11 रिट पर सुनवाई शुक्रवार को होगी जिसमें संवैधानक पीठ द्वारा मामले की सुनवाई की मांग की गई है।

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली संविधान पीठ शुक्रवार को मामलों पर सुनवाई करेगी।

राष्ट्रपति भंडारी द्वारा 275 सदस्यीय सदन को भंग करने के दो दिनों बाद विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

रिट याचिका में याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष देउबा को अनुच्छेद 76 (5) के मुताबिक कानूनी तौर पर नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाए।

कुछ अन्य रिट याचिकाओं में नवंबर में चुनाव की घोषणा को रद्द करने, महामारी के बीच निर्वाचन से जुड़े कार्यक्रम रोकने और संविधान के प्रावधानों के तहत निश्चित समय के अंदर बजट पेश करने के लिए सदन आहूत करने का आदेश देने की मांग की गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\