देश की खबरें | नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए धामी की सराहना की

देहरादून, 27 जुलाई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बृहस्पतिवार को नेपाल के एक उच्चस्तरीय राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की तथा उनके द्वारा प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की । राज्य के मानसखंड मंदिर माला मिशन में हाथ मिलाने में रुचि व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नेपाल के कई मंदिरों के इस सर्किट के तहत आने के कारण उसके देश (नेपाल) को इससे फायदा हो सकता है ।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेपाल की पूर्व मंत्री पंपा भुसाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, " मुख्यमंत्री जिस तरीके से प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, उससे हम प्रभावित हैं। उदाहरण के लिए, कुमाऊं क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाला एक धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की मानसखंड योजना एक बहुत बढ़िया विचार है ।"

उन्होंने कहा, "नेपाल में ऐसे कई मंदिर हैं जो मानसखंड सर्किट से जुड़े हुए हैं ।इस परियोजना से दोनों देशों को फायदा हो सकता है । हम यह बात अपने देश के मंत्रालय के संज्ञान में लाएंगे ।"

नेपाल की सीमा से लगे कुमाऊं क्षेत्र के सभी प्रसिद्ध मंदिरों को जोड़ने वाले मानसखंड गलियारे का विकास चंपावत विधानसभा उपचुनाव में धामी द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक था । धामी ने चंपावत उपचुनाव उन्होंने रिकॉर्ड अंतर से जीता था।

प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों के रहन-सहन और धार्मिक रीति-रिवाजों में काफी समानताएं हैं । उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का एक बड़ा क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ है और भारत और नेपाल की चुनौतियां भी लगभग एक जैसी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मानसखंड मंदिरमाला मिशन के तहत पहले चरण में 16 मंदिरों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भी काफी क्षेत्र मानसखंड में आता है और अगर नेपाल में भी इसके तहत कार्य हों तो उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं का रूझान नेपाल की ओर भी बढ़ेगा ।

भुसाल के अलावा, नेपाली प्रतिनिधिमंडल में पूर्व नेपाली मंत्री रामेश्वर राय यादव, सत्या पहाड़ी और राजनीतिज्ञ सुरेश कुमार राय और चक्रपाणि खनल 'बलदेव' शामिल थे ।

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