विदेश की खबरें | नेपाल : विपक्ष ने सोने की तस्करी की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर संसद में व्यवधान जारी रखा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, नौ अगस्त नेपाल के मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल ने करीब 100 किलोग्राम सोने के तस्करी घोटाले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग करते हुए बुधवार को भी संसद की कार्यवाही में व्यवधान जारी रखा।

सौ किलोग्राम सोने की तस्करी के संबध में एक भारतीय और एक चीनी नागरिक समेत 18 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 18 जुलाई की रात को इस सोने की तस्करी हुई और सीमा शुल्क विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

सीपीएन-यूएमएल इस तस्करी घोटाले की जांच के वास्ते उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग कर रही है। पार्टी दो सप्ताह से इस मांग को लेकर संसद में हंगामा कर रही है।

स्पीकर देवराज घिमिरे ने प्रतिनिधि सभा की नियमिति कार्यवाही जैसे ही शुरू की , सीपीएन-यूएमएल के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

सीपीएन-यूएमएल सांसद सूर्य बहादुर थापा छेत्री ने मांग की कि सोने की तस्करी की जांच के लिए एक जांच समिति बनायी जाए। विपक्षी दल के सांसदों ने आसन के समक्ष धरना दिया और नारेबाजी करने लगे।

व्यवधान के बाद स्पीकर ने संसद की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी।

सरकार ने ‘सेंट्रल इंवेस्टीगेशन ब्यूरो’ (सीआईबी) को सोने की तस्करी की जांच का जिम्मा सौंपा है। उससे पहले विपक्ष ने राजस्व विभाग द्वारा जांच को खारिज कर दिया था।

गृहमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने मंगलवार को विपक्षी दलों से नेपाल पुलिस की सीआईबी द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा करने की अपील की। लेकिन, सीपीएन-यूएमएल ने सीआईबी जांच खारिज कर दी और इस मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन की अपनी मांग जारी रखी।

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