विदेश की खबरें | नेपाल के सांसदों ने सरकार से नेपाली छात्रों को ओडिशा के केआईआईटी में नहीं भेजने की अपील की

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, चार मई नेपाली संसद के ऊपरी सदन नेशनल असेंबली के सदस्यों ने सरकार से ओडिशा के कलिंगा औद्योगिक प्रौद्योगिकी संस्थान (केआईआईटी) में नेपाली छात्रों को भेजने पर रोक लगाने की अपील की है, जहां पिछले तीन महीने के दौरान दो नेपाली छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

संसद सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने संस्थान में दाखिला पाने की चाह रखने वाले छात्रों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इनकार करने का प्रस्ताव रखा।

उच्च सदन के आपातकालीन सत्र के दौरान सांसदों ने केआईआईटी में नेपाली विद्यार्थियों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की, क्योंकि इस हफ्ते वहां एक नेपाली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। हाल के महीनों में यह दूसरी ऐसी घटना है।

राष्ट्रीय जनमोर्चा के तुल प्रसाद विश्वकर्मा और सीपीएन (एकीकृत समाजवादी) की मदन कुमारी शाह उन सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने केआईआईटी में दाखिले के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया को रोकने की मांग की।

परसा जिले की 20 वर्षीय छात्रा प्रिसा साह ने बृहस्पतिवार को केआईआईटी में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

इससे पहले, 16 फरवरी को रूपन्देही की 21 वर्षीय प्रकृति लामसाल ने भी इसी संस्थान में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

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