जरुरी जानकारी | ‘फिक्स्ड लाइन’ से जुड़ी ढांचागत सुविधा को मजबूत बनाने की जरूरत: ट्राई प्रमुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आर एस शर्मा ने बुधवार को कहा कि देश को ‘फिक्स्ड लाइन’ से जुड़ी अपनी ढांचागत सुविधा को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्ारत में फिक्स्ड लाइन ढांचे के जरिये केवल 6 से 7 प्रतिशत डेटा का स्थानांतरण होता है जबकि वैश्विक औसत 46 प्रतिशत है।
नयी दिल्ली, 10 जून दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन आर एस शर्मा ने बुधवार को कहा कि देश को ‘फिक्स्ड लाइन’ से जुड़ी अपनी ढांचागत सुविधा को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भ्ारत में फिक्स्ड लाइन ढांचे के जरिये केवल 6 से 7 प्रतिशत डेटा का स्थानांतरण होता है जबकि वैश्विक औसत 46 प्रतिशत है।
शर्मा ने यह भी कहा कि फेसबुक, गूगल और अमेजन जैसी कंपनियां देश के दूरसंचार क्षेत्र में रूचि दिखा रही हैं, यह दिलचस्प है।
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उद्योग मंडल एसोचैम के ‘डिजिटल: अगली क्रांति’ विषय पर आयोजित वेबिनार (इंटरनेट के जरिये आयोजित सेमिनार) में उन्होंने यह बात कही।
स्पेक्ट्रम के बारे में उन्होंने कहा कि नियामक 5जी रेडियो तरंग समेत अन्य के बारे में अपनी सिफारिश दे चुका और इस बारे में सरकार को जरूरी कदम उठाना है।
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शर्मा ने यह भी कहा कि भारत में केवल 100,000 वाईफाई हॉटस्पॉट हैं जबकि फ्रांस में यह 18 लाख है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में समावेशी नीति की जरूरत है। हर किसी के लिये डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिये ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वाईफाई हॉस्पॉट महत्वपूर्ण कदम होगा।’’
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