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कर्मचारियों का घमंड कम करने की जरूरतः उद्योगपति टिम गर्नर

ऑस्ट्रेलिया के सबसे धनी लोगों में से एक टिम गर्नर का कहना है कि दुनिया में बेरोजगारी बढ़ायी जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को उनकी जगह पता चले.

कर्मचारियों का घमंड कम करने की जरूरतः उद्योगपति टिम गर्नर
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ऑस्ट्रेलिया के सबसे धनी लोगों में से एक टिम गर्नर का कहना है कि दुनिया में बेरोजगारी बढ़ायी जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों को उनकी जगह पता चले.ऑस्ट्रेलिया में जिम और रियल एस्टेट के क्षेत्र में व्यापार करने वाले टिम गर्नर ने कहा, "हमें अर्थव्यवस्था में दर्द देखने की जरूरत है.” इस टिप्पणी के साथ गर्नर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और करोड़ों लोग इसे देखकर इस पर टिप्पणी कर रहे हैं.

गर्नर पहले भी ऐसे विवादित बयान दे चुके हैं. एक बार उन्होंने कहा था कि युवाओं के पास घर खरीदने के लिए धन इसलिए नहीं है क्योंकि वे एवोकाडो टोस्ट पर बहुत पैसा खर्च करते हैं.

इसी हफ्ते एक प्रॉपर्टी समिट में बोलते हुए 41 वर्षीय गर्नर ने कहा कि कोविड महामारी ने कर्मचारियों का रवैया और काम के प्रति उनके मूल्यों को बदल दिया है. भवन निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि लोग काम करना ही नहीं चाहते.

बदल गया रवैया

गर्नर ने कहा कि कर्मचारियों के इस रवैये के कारण उत्पादकता प्रभावित हुई है और नियमों में आयी सख्ती के साथ मिलकर इन हालातों ने ऑस्ट्रेलिया में घरों की कमी पैदा कर दी है. उन्होंने सुझाव दिया कि देश की बेरोजागरी में 40-50 फीसदी की वृद्धि होनी चाहिए ताकि ‘रोजगार क्षेत्र में आया घमंड' कम किया जा सके. ऑस्ट्रेलिया में फिलहाल बेरोजगारी दर 3.7 फीसदी है और 40-50 फीसदी की वृद्धि का मतलब होगा दो लाख लोगों का बेरोजगार हो जाना.

गर्नर ने कहा, "एक व्यवस्थागत बदलाव आया है जिसमें लोग ऐसा महसूस करने लगे हैं कि नौकरी देने वाला खुशकिस्मत है कि वे काम कर रहे हैं. हमें लोगों को ये याद दिलाना पड़ेगा कि वे इंपलॉयर के लिए काम करते हैं, ना कि इंपलॉयर उनके लिए.”

काम की संस्कृति पर बहस

गर्नर की ये टिप्पणियां ऐसे वक्त में आई हैं जबकि कार्यक्षेत्र में कई तरह के बदलाव आये हैं. कई सर्वेक्षणों में यह बात सामने आई है कि अधिकतर लोग घर से काम करना चाहते हैं जबकि कंपनियां चाहती हैं कि लोग कर्मचारी दफ्तर आएं.

सोशल मीडिया पर भी कर्मचारियों के रवैये में आए बदलावों पर बहस चल रही है. "#quietquitting" हैश टैग अक्सर ट्रेंड होता है. क्वॉइट क्विटिंग का अर्थ है कि कर्मचारी जी-जान लगाकर काम करने से परहेज करते हैं और ‘वर्क-लाफइ बैलेंस' के नाम पर ज्यादा काम करने से बचते हैं.

गर्नर जिस समिट में बोल रहे थे वह ऑस्ट्रेलियन फाइनैंशल रिव्यू अखबार ने आयोजित करायी थी. अखबार ने उनका वीडियो साझा किया तो ट्विटर, टिकटॉक और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर जमकर आलोचना हुई.

कई जगह आलोचना

कई ऑस्ट्रेलियाई राजनेताओं ने भी गर्नर के बयान की आलोचना की है. सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद जेरोम लेक्साले ने कहा कि गर्नर की टिप्पणी "किसी कार्टून सुपरविलेन जैसी है.” विपक्षी लिबरल पार्टी के सांसद कीथ वोलाहन ने कहा कि यह बयान ‘असलियत से बेहद दूर है.'

वोलाहन ने एएफआर को बताया, "नौकरी का चले जाना कोई संख्या मात्र नहीं है. इसका मतलब है लोगों का सड़क पर आ जाना और रोटी के लिए फूड बैंक पर निर्भर हो जाना.”

अमेरिकी सांसद एलेग्जांड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने भी गर्नर के बयान की आलोचना की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "याद रखें कि बड़े सीईओ ने अपनी सैलरी इतनी बढ़ा ली है कि सीईओ और बाकी कर्मचारियों के बीच वेतन का अनुपात अब इतिहास में सबसे ऊंचे स्तरों में से एक है.”

हालांकि कुछ उद्योगपतियों ने गर्नर का बचाव भी किया है. मिनरल्स काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष एंड्र्यू माइकलमूर ने कहा, "कर्मचारियों को कम काम करके ज्यादा पैसे कमाने की आदत हो गयी है.” टिम गर्नर ने गर्नर ग्रुप की स्थापना की थी. उनके पास 92.9 करोड़ ऑस्ट्रेलियन डॉलर की संपत्ति है.

विवेक कुमार (एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2023 01:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).