देश की खबरें | खेती को अभिनव प्रयासों से जोड़ने की जरूरत : योगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को खेती के अभिनव प्रयासों से जोड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि इस सम्बन्ध में कृषकों को जागरूक करने के लिए प्रभावी और सार्थक प्रयास किये जाने चाहिये।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 17 जनवरी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को खेती के अभिनव प्रयासों से जोड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए रविवार को कहा कि इस सम्बन्ध में कृषकों को जागरूक करने के लिए प्रभावी और सार्थक प्रयास किये जाने चाहिये।

मुख्यमंत्री ने झांसी में आयोजित स्ट्रॉबेरी महोत्सव की डिजिटल माध्यम से यहां शुरुआत करने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसानों की आमदनी दोगुना करने के लिए कृतसंकल्पित है और झांसी में स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन जैसे अभिनव प्रयास इसमें सहायक हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के अभिनव प्रयासों से जोड़ने की जरूरत है और जिलों के प्रशासन को इस सम्बन्ध में कृषकों को जागरूक करने के लिए प्रभावी और सार्थक प्रयास करने चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार निरन्तर किसानों के हित व कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं, इस क्रम में किसान को खेत से बाजार तक विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं के माध्यम से किसान बाजार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ ही, आम उपभोक्ता को भी महंगाई से बचा सकते हैं और अपनी आमदनी में भी वृद्धि कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विगत वर्ष, काफी समय से लम्बित बाण सागर सिंचाई परियोजना को पूर्ण किया गया है।

योगी ने कहा कि मध्य गंगा नहर, सरयू नहर सहित एक दर्जन सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है जिससे 20 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित होगी।

मुख्यमंत्री ने झांसी की जमीन को अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से स्ट्रॉबेरी की खेती के अनुकूल बनाने के लिए यहां के किसानों और नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड की धरती पर स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन देश तथा प्रदेश के लिए नया संदेश है।

उन्होंने कहा कि इससे बुन्देलखण्ड के बारे में लोगों की धारणा में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

उन्होंने कहा कि कार्य करने की इच्छाशक्ति होने पर व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौती का सामना कर परिणाम दे सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्ट्रॉबेरी सामान्यतः शीतोष्ण जलवायु की फसल है, झांसी में पहले इसे घर की छत पर उगाया गया, इसके बाद खेतों में इसकी फसल उगाई गयी। इसमें सफलता मिलने के बाद आज झांसी में स्ट्रॉबेरी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, यह एक चमत्कार है। यह महोत्सव बुन्देलखण्ड को नयी पहचान दिलाएगा।

योगी ने सुल्तानपुर के किसान द्वारा ड्रैगन फ्रूट की खेती किये जाने का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने अपने परिश्रम से ऐसी फसलें उगायीं हैं, जिनके बारे में धारणा थी कि इन फसलों को वहां नहीं उगाया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्ट्रॉबेरी महोत्सव सभी परिश्रमी और प्रगतिशील किसानों के लिए प्रेरणादायी है, यह किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही बाजार की जरूरतों को पूर्ण करने में भी सहायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी के स्ट्रॉबेरी महोत्सव की ही तरह सुल्तानपुर में ड्रैगन फ्रूट, सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल, चन्दौली में ब्लैक राइस, बाराबंकी में सब्जी, कौशाम्बी व प्रयागराज में अमरूद, प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र के जनपदों में आर्गेनिक गुड़, कुशीनगर में केले आदि की फसलों को केन्द्र में रखकर प्रयास किये जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि कृषि एवं उद्यान विभाग प्रदेश के अन्य जिलों में अलग और विशिष्ट फसलों पर केन्द्रित महोत्सव के आयोजन की दिशा में प्रभावी और सार्थक प्रयास करे।

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