जरुरी जानकारी | प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए उत्पादकों की जिम्मेदारी बढ़ाने की जरूरत: नीति आयोग रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग ने प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन सुझावों में उत्पादकों की जिम्मेदारी बढ़ाकर कचरे को कम से कम करना, सही तरह से छंटाई करना और दोबारा इस्तेमाल योग्य तथा प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) प्लास्टिक को जमा करना शामिल है।
नयी दिल्ली, एक जुलाई नीति आयोग ने प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन सुझावों में उत्पादकों की जिम्मेदारी बढ़ाकर कचरे को कम से कम करना, सही तरह से छंटाई करना और दोबारा इस्तेमाल योग्य तथा प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले (बायोडिग्रेडेबल) प्लास्टिक को जमा करना शामिल है।
इसके अलावा नीति आयोग ने प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा देने की बात भी कही है।
आयोग ने ‘प्लास्टिक और उसके अनुप्रयोगों के लिए वैकल्पिक उत्पाद और प्रौद्योगिकी’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में कहा कि ‘बायोडिग्रेडेबल’ प्लास्टिक को अपनाने के लिए कुछ अवधि की छूट देनी चाहिए।
सरकार द्वारा कुछ एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध शुक्रवार से लागू हो गया है। राज्य सरकारों ने ऐसी वस्तुओं के उत्पादन, वितरण, भंडारण और बिक्री में लगी इकाइयों की पहचान करने और उन्हें बंद करने के लिए एक अभियान शुरू किया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि समाज में एक वरदान के अभिशाप बनने का प्लास्टिक सबसे बढ़िया उदाहरण है। इसमें आगे कहा गया कि प्लास्टिक कई मायनों में प्रकृति के लिए एक खतरा बन गया है, जो समुद्री जीवन से लेकर भूमि संसाधनों तक को प्रभावित करता है।
रिपोर्ट में उत्पादकों की जिम्मेदारी बढ़ाकर ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया, जिससे कचरा कम से कम निकले।
इसके अलावा पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक का अच्छी तरह से संग्रह करने और इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिय गया है।
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