देश की खबरें | भारत-बांग्लादेश सीमा के दोनों ओर सीमावर्ती जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास की जरूरतः मुरलीधरन

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नयी दिल्ली, 30 जून विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा के दोनों ओर सीमावर्ती जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान देने की जरूरत है।

मंत्री ने बांग्लादेश के साथ व्यापार पर आयोजित एक डिजिटल सम्मेलन में यह टिप्पणी की।

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मुरलीधरन ने कहा, "भारत और बांग्लादेश सबसे बड़ी सीमा साझा करते हैं, हमें दोनों ओर सीमावर्ती जिलों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। कभी-कभी उपलब्ध अवसरों की चाह में, आपराधिक तत्व अपराध करते हैं, सुरक्षा बलों पर हमला करते हैं और दोनों देशों के बीच कायम शांति और एकता को बाधित करते हैं। "

उन्होंने कहा, " इन क्षेत्रों में विकास करने की तत्काल जरूरत है और सीमा के साथ फैले 'हाट' (गांव के बाजार) एक स्वागत योग्य विकास हैं। "

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विदेश मंत्रालय ने एक बयान में उनके हवाले से कहा कि उसी भावना से, " हमें सीमा के दोनों ओर होने वाले विकास कार्यों के साथ सहयोग करना चाहिए। "

मंत्री ने कहा कि कोविड-19 स्थिति, डिजिटल क्षेत्र, स्टार्टअप, सूचना प्रौद्योगिकी और ऑनलाइन कार्यशाला तथा परामर्श के क्षेत्र में सहयोग के नए मौके खोलती है।

मुरलीधरन ने कहा कि भारत, दक्षेस कोविड कोष में 15 लाख अमेरिकी डॉलर की बांग्लादेश की प्रतिबद्धता की सराहना करता है और केवल सहयोगात्मक दृष्टिकोण से ही हम साथ मिलकर इस महामारी से निपट सकते हैं। इस महामारी ने व्यापार, आपूर्ति चेन, निवेश और रोजगार को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, " भारत ने बांग्लादेशी प्रतिभागियों के अनुरोध पर विशेष तौर पर बांग्ला में मेडिकल पेशेवरों के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम का संचालन किया और हम महामारी के स्वास्थ्य और आर्थिक प्रभाव को कम करने में बांग्लादेश की सहायता के लिए तैयार हैं।"

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