जरुरी जानकारी | नागरिक कल्याण पर केंद्रित नए आर्थिक नियामकीय ढांचे की जरूरत : विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश को एक ऐसे नए आर्थिक नियामकीय ढांचे की जरूरत है, जिसका मुख्य विषय नागरिक कल्याण हो। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।

नयी दिल्ली, 28 मई देश को एक ऐसे नए आर्थिक नियामकीय ढांचे की जरूरत है, जिसका मुख्य विषय नागरिक कल्याण हो। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है।

उनका कहा है कि प्रधानमंत्री के आत्म-निर्भरता के आह्वान से तालमेल बैठाने के लिए इसकी जरूरत है।

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कोविड-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर शोध संगठन कट्स इंटरनेशनल का मानना है कि इससे देश में गरीबी दोगुना हो जाएगी। कट्स का अनुमान है कि करीब 40 करोड़ श्रमिक अत्यंत गरीबी की स्थिति में आ जाएंगे।

इस बयान में 54 प्रबुद्ध लोगों के विचारों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर, पूर्व वित्त सचिव अरविंद मायाराम, बायोकॉन की प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार-शॉ और मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन सर्विसेज के चेयरमैन मोहनदास पई शामिल हैं।

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बयान में कहा गया है कि इस संकट ने यह दिखाया है कि मौजूदा आर्थिक नियामकीय व्यवस्था अपने उद्देश्य को पूरा करने में विफल रही। यह कंपनियों को समावेशी और सतत कारोबारी मॉडल को प्रोत्साहन देने में भी सफल नहीं हो पाई।

बयान में कहा गया है कि नियमन बनाने की प्रक्रिया में सिर्फ कुछ लोगों का कब्जा है। सूक्ष्म और लघु उपक्रमों, श्रमिकों और नागरिकों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। जबकि इन्हीं लोगों पर नियामकीय ढांचे का बोझ सबसे अधिक पड़ता है।

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