देश की खबरें | एनसीडब्ल्यू ने दंगा पीड़ितों की पत्नियों के उत्पीड़न आरोपों पर पश्चिम बंगाल डीजीपी से रिपोर्ट मांगी

नयी दिल्ली, पांच मई राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हाल में सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए दो लोगों की पत्नियों द्वारा भेजे गए एक पत्र का संज्ञान लिया है, जिसमें उन्होंने पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है।

आयोग ने कहा कि उसे क्षेत्र में सांप्रदायिक झड़पों के दौरान मारे गए हरगोबिंद दास और चंदन दास की पत्नियों से ‘‘दिल दहला देने वाली याचिका’’ मिली है। एनसीडब्ल्यू के बयान के अनुसार, महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें सुरक्षा दिए जाने के बजाय, धमकाया जा रहा है और एक राजनीतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। बयान में कहा गया कि महिलाएं कहीं छिपकर रह रही हैं।

पत्र में एक घटना का विवरण दिया गया है, जिसमें पुलिस अधिकारियों के एक समूह ने कोलकाता में उनके अस्थायी आश्रय में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तथा बिना किसी कानूनी दस्तावेज या महिला कर्मियों की उपस्थिति के उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया।

एनसीडब्ल्यू ने कहा, ‘‘आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर तत्काल रिपोर्ट मांगी है और इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के आचरण पर स्पष्टीकरण मांगा है।’’

आयोग ने शिकायत में नामित अधिकारियों को नौ मई को नयी दिल्ली में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब किया है।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हाल में हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के अपने दौरे के दौरान मृतकों की पत्नियों से मुलाकात की थी। उन्होंने आरोपों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

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