मुंबई, 24 अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र में बारिश की कमी के बीच ऋण वसूली के लिए किसानों को जारी किए जा रहे बैंक नोटिस रद्द किए जाने चाहिए।
शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के प्रवक्ता महेश तपासे ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया और मांग की कि वह किसानों को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाए।
राकांपा नेता ने कहा, ‘‘जून और जुलाई दोनों महीनों में अपेक्षित वर्षा में कमी देखी गई और अगस्त में वर्षा औसत से लगभग 68 प्रतिशत कम है। एक से 18 अगस्त के बीच, सभी संभागों में औसत से 80 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।’’
उन्होंने कहा कि इसका फसलों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है और प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना चाहिए। तपासे ने कहा कि किसान इस साल औसत से कम बारिश से जूझ रहे हैं और बैंक ऋण वसूली के लिए नोटिस भेज रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा सरकार का किसान विरोधी रुख देखना निराशाजनक है। अपर्याप्त बारिश का पहले ही कृषि क्षेत्र पर असर पड़ा है और ऋण वसूली नोटिस जारी करना जले पर नमक छिड़कने जैसा है।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और बैंक के नोटिस को रद्द करना चाहिए। तपासे ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों के साथ एकजुटता से खड़ी है और अगर उनकी पीड़ा कम नहीं हुई तो कड़े कदम उठाने में संकोच नहीं करेगी।
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