नयी दिल्ली, तीन जुलाई राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इंडसइंड बैंक को लंबित सभी बकाया का भुगतान करने संबंधी समझौता हो जाने के बाद मीडिया कंपनी ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) की तरफ से दायर अपील सोमवार को निरस्त कर दी।
जेडईईएल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत गोयनका और इंडसइंड बैंक की तरफ से दायर संयुक्त अर्जी में दोनों पक्षों के बीच 29 मार्च, 2023 को हुए समाधान समझौते की जानकारी दी गई थी।
संबंधित पक्षों के वकीलों ने अपीलीय न्यायाधिकरण को बताया कि इस समाधान समझौते के अनुरूप 30 जून, 2023 के पहले सारे लंबित बकाये का भुगतान कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने जेडईईएल के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया बंद करने का भी अनुरोध किया।
इस पर एनसीएलएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने कहा, ‘‘संबंधित पक्षों के बीच समाधान समझौता हो जाने के बाद अपील पर निर्णय करने के लिए कुछ भी बाकी नहीं रह गया है। इस तरह 22 फरवरी, 2023 को जारी आदेश निरस्त किया जाता है। कर्जदार कंपनी के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया बंद की जाती है।’’
इसके साथ ही अपीलीय न्यायाधिकरण ने दोनों पक्षों को कर्ज समाधान प्रक्रिया के संचालन के लिए नियुक्त अंतरिम समाधान पेशेवर के खर्चों का भुगतान करने को भी कहा।
जेडईईएल के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया शुरू करने का आदेश राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने 22 फरवरी को दिया था। इस आदेश को गोयनका की तरफ से एनसीएलएटी में चुनौती दी गई थी।
इंडसइंड बैंक ने ज़ी एंटरटेनमेंट पर 83.08 करोड़ रुपये की कर्ज भुगतान चूक का दावा करते हुए दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी एनसीएलटी में लगाई थी।
प्रेम
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