कोच्चि, दो जून भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने ‘रॉयल सऊदी नेवल फोर्स’ (आरएसएनएफ) के कैडेट के साथ बातचीत की। ये कैडेट यहां दक्षिणी नौसेना कमान में समुद्री प्रशिक्षण ले रहे हैं।
सऊदी अरब की किंग फहद नौसेना अकादमी के कैडेट को बृहस्पतिवार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण सऊदी अरब और भारत के बीच बढ़ती मैत्री का प्रमाण है।
रॉयल सऊदी नेवल फोर्स (आरएसएनएफ) के कैडेट पांच निर्देशक स्टॉफ के साथ भारतीय नौसेना के पोत प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन जहाजों, आईएनएस तिर और आईएनएस सुजाता से जुड़े हुए हैं।
नौसेना की एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों नौसेनाओं के बीच घनिष्ठ संबंधों और सहयोग पर बल देते हुए, नौसेना प्रमुख ने पुष्टि की कि आरएसएनएफ के साथ संयुक्त अभ्यास, कार्मिकों का आपसी संवाद और प्रशिक्षण आदान-प्रदान पिछले कुछ वर्षों में बेहतर तरीके से आगे बढ़े हैं और यह दोनों नौसेनाओं के बीच मजबूत संबंध को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश समुद्री सुरक्षा के संबंध में समान विचार साझा करते हैं और क्षेत्र में सुरक्षा और सुरक्षित समुद्र सुनिश्चित करने के लिए एक दूसरे के साथ निकटता से कार्य करते हैं।
नौसेना प्रमुख को बंदरगाह और जलपोत प्रशिक्षण गतिविधियों से अवगत कराया गया। कुमार को प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं द्वारा की गई प्रगति के बारे में भी जानकारी दी गई।
नौसेना ने कहा कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत, समुद्री प्रशिक्षण चरण में जाने से पहले कैडेट के लिए प्रशिक्षण शुरू किया गया था।
विज्ञप्ति के अनुसार कैडेट ने भारतीय नौसेना के जहाजों पर समुद्र में 10 दिन पूरे कर लिए हैं।
कैडेट के लिए प्रशिक्षण पोत ‘आईएनएस सुदर्शिनी’ पर दो दिवसीय बंदरगाह प्रशिक्षण की भी योजना बनाई गई है।
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