जर्मनी में रेलवे कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से ठप पड़ा रेल यातायात
रेलवे कंपनी डॉयचे बान की ओर से कहा गया कि दो दिवसीय हड़ताल के परिणामस्वरूप बुधवार, बृहस्पतिवार को लंबी दूरी की ट्रेनों में से केवल एक चौथाई का ही संचालन होगा. कंपनी ने यात्रियों से गैर जरूरी यात्रा न करने को कहा.
रेलवे कंपनी डॉयचे बान की ओर से कहा गया कि दो दिवसीय हड़ताल के परिणामस्वरूप बुधवार, बृहस्पतिवार को लंबी दूरी की ट्रेनों में से केवल एक चौथाई का ही संचालन होगा. कंपनी ने यात्रियों से गैर जरूरी यात्रा न करने को कहा. जीडीएल यूनियन के सदस्यों ने हड़ताल मंगलवार रात शुरू की थी.
यूनियन ने कहा कि उसके 95 फीसदी कर्मचारियों ने वेतनवृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल का समर्थन किया है, उनकी मांग 3.2 फीसदी वेतन वृद्धि देने की और एकमुश्त ‘कोरोना वायरस बोनस’ के रूप में 703 डॉलर देने की है. जर्मनी की रेलवे प्रदाता डॉयचे बान ने यूनियन की मांगों को अस्वीकार कर दिया है. वैश्विक महामारी के कारण कंपनी को काफी घाटा उठाना पड़ा है. हाल में आई बाढ़ के चलते कई स्थानों पर रेलरोड ट्रेक को भी बहुत नुकसान पहुंचा है. यह भी पढ़ें : UP Assembly Elections: उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले भाजपा शुरू करेगी किसान संपर्क कार्यक्रम
जर्मनी के 16 राज्यों में से 11 में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है और इस दौरान लोग आवागमन के लिए रेलगाड़ियों पर बहुत हद तक निर्भर करते हैं. बर्लिन में सोमवार को स्कूल खुले लेकिन ‘एस-बान’ यात्री रेलगाड़ियां नहीं चलने और सड़कों पर निजी गाड़ियों की भीड़भाड़ के कारण बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 11, 2021 04:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

