प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नेतन्याहू कोरोना वायरस महामारी से उचित तरीके से निपटने में विफल रहे हैं।
प्रदर्शनकारी शनिवार शाम देशभर में सैकड़ों अलग-अलग स्थानों पर एकत्र हुए। यरूशलम में नेतन्याहू के आधिकारिक आवास के बाहर जहां आमतौर पर प्रदर्शन होते हैं, वहां देश में लगे लॉकडाउन के कारण प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है।
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लॉकडाउन के नियमों के अनुसार लोग अपने घरों के एक किलोमीटर के दायरे में रहकर ही प्रदर्शन कर सकते हैं।
सबसे बड़ा प्रदर्शन तेल अवीव के हबीमा स्क्वेयर पर हुआ, जहां हजारों प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए।
कुछ लोगों ने बैनर पकड़ रखे थे जिन पर लिखा था, ‘‘बीबी (नेतन्याहू को देश में इस नाम से भी पुकारा जाता है) आप मेरा भविष्य बरबाद कर रहे हैं।’’
तेल अवीव और यरूशलम में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।
नेतन्याहू के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वतखोरी के मामले चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी बीते चार महीने से हर सप्ताहांत उनके खिलाफ प्रदर्शन करते हैं और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।
नेतन्याहू ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘वामपंथी’ और ‘अराजकतावादी’ बताया है।
नेतन्याहू के खिलाफ चल रहे मामलों, कोविड-19 महामारी से निपट पाने में सरकार की विफलता और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के चलते उनकी सरकार पर दबाव बढ़ा है।
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