देश की खबरें | नेशनल हेराल्ड मामला: जम्मू में कांग्रेस के विरोध मार्च को पुलिस ने रोका

जम्मू, 16 अप्रैल नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोपपत्र के विरोध में पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन को पुलिस ने बीच में ही रुकवा दिया।

पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शहीदी चौक स्थित पार्टी मुख्यालय में एकत्र हुए और मार्च शुरू किया, लेकिन वहां मौजूद भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर और विकार रसूल वानी तथा पूर्व मंत्री रमन भल्ला और योगेश साहनी समेत नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक फांदने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीछे धकेल दिया।

ईडी ने मंगलवार को बताया था कि उसने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र से जुड़े धनशोधन मामले में नौ अप्रैल को चार्जशीट दाखिल की है। आरोप पत्र में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को सह-आरोपी बनाया गया है।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की 2014 में दी गई शिकायत पर आधारित यह मामला नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का कथित तौर पर अधिग्रहण करके सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली एक कंपनी यंग इंडियन को हस्तांतरित करने से जुड़ा है।

कर्रा ने संवाददाताओं से कहा, “हमने भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए ईडी कार्यालय तक मार्च की योजना बनाई थी। केंद्र सरकार विपक्षी दलों को डराने के लिए ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।”

कांग्रेस नेता ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र देश के नागरिकों को विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है लेकिन “इस सरकार ने एक बार फिर हमारे मार्च को रोककर दिखा दिया कि वह लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती।”

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