इंदौर (मध्यप्रदेश), 28 मार्च केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर अगले एक साल में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतर सकता है।
उन्होंने वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों के लिए स्थानीय प्रशासन की तारीफ करते हुए यह बात कही।
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव नरेश पाल गंगवार ने इंदौर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं को बताया,‘‘पिछले कुछ सालों में इंदौर के स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से शहर की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया है। अगर थोड़े और प्रयास किए जाएंगे, तो अगले एक साल में शहर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतर सकता है।’’
उन्होंने पिछले साल के आंकड़ों के हवाले से बताया कि इंदौर में "पीएम 10" और "पीएम 2.5" सरीखे प्रदूषक तत्वों का स्तर राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों के मुकाबले ‘‘मामूली तौर पर ऊपर" है।
गंगवार ने बताया,"थोड़े और प्रयास किए जाने पर इंदौर में अगले एक साल के भीतर पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर घटकर मानक सीमा में आ सकता है।"
वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए काम करने वाले वैश्विक गठजोड़ ‘‘क्लीन एयर कैटलिस्ट’’ के अध्ययन के मुताबिक इंदौर में हवा की गुणवत्ता बिगाड़ने में वाहनों के प्रदूषण और सड़क पर उड़ने वाली धूल की सर्वाधिक 70 फीसद हिस्सेदारी है।
इंदौर, राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार सात बार अव्वल रहा है। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाला यह शहर वर्ष 2024 के जारी स्वच्छता सर्वेक्षण में "सुपर स्वच्छ लीग" की दौड़ में है।
इस लीग को स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों के बीच अलग से मुकाबले के लिए पहली बार पेश किया गया है।
"सुपर स्वच्छ लीग" में इंदौर को नवी मुंबई और सूरत के साथ 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रखा गया है।
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