विदेश की खबरें | राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद बहुत चुनौतीपूर्ण मुद्दा है : शीर्ष संरा अधिकारी

संयुक्त राष्ट्र, 10 जुलाई संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद रोधी कार्यालय के प्रमुख ने कहा कि राष्ट्र-प्रायोजित आतंकवाद बहुत चुनौतीपूर्ण मुद्दा है क्योंकि इससे दुनिया के कई हिस्सों में स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी कार्यालय के अवर महासचिव व्लादिमीर वोरोंकोव ने बृहस्पतिवार को एक डिजीटल प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि सदस्य देशों को राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद पर चर्चा करनी चाहिए।

यह भी पढ़े | किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर वार्ता की संभावनाओं को किया खारिज.

उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह बहुत चुनौतीपूर्ण मुद्दा है क्योंकि इससे दुनिया के कई हिस्सों में स्थिरता कमजोर हो सकती है।’’

उन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तान से अंजाम दी जा रही राष्ट्र प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों और पाकिस्तान से उसकी सरजमीं पर आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांगों पर एक सवाल के जवाब में यह बात कही।

यह भी पढ़े | बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा- सैन्य तानाशाहों ने जनता का चरित्र बिगाड़ दिया.

संयुक्त राष्ट्र के आतंकवाद विरोधी कार्यालय ने कहा कि अभी चल रहे वर्चुअल आतंकवादी विरोधी सप्ताह के दौरान इस मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा करना बहुत मुश्किल है।

आतंकवाद विरोधी सप्ताह के दौरान भारत ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए एकजुट हो रही है लेकिन ऐसे में यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश पाकिस्तान झूठी कहानियों को फैलाने के हर अवसर का इस्तेमाल कर रहा है और भारत के खिलाफ निराधार, दुर्भावनापूर्ण और झूठे आरोप लगाता है तथा उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)