विदेश की खबरें | नासा ने अंतरिक्ष में अनुसंधान के लिए हवाई से स्क्विड भेजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. स्क्विड प्राणी विज्ञान के सिफेलोपोडा समुदाय में आने वाले जंतु हैं जो खारे पानी में पाए जाते हैं।
स्क्विड प्राणी विज्ञान के सिफेलोपोडा समुदाय में आने वाले जंतु हैं जो खारे पानी में पाए जाते हैं।
इससे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के केवालो मरीन प्रयोगशाला में एक छोटा बॉबेल स्क्विड तैयार किया गया था लेकिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के स्पेस एक्स पुन:आपूर्ति अभियान पर इस महीने की शुरुआत में अंतरिक्ष में उसमें विस्फोट हो गया।
समुद्र विज्ञान के तहत बॉबेल स्क्विड सेफलोपोड्स समूह से आता है जो कैटलफिश से मिलता जुलता जीव है। ये छोटे सेफलोपोड्स दिलचस्प जीव हैं क्योंकि वे अंधेरे में चमकते हैं जिन्हें जीवदीप्ति कहा जाता है।
होनोलूलू स्टार-एडवरटाइजर की सोमवार की खबर के अनुसार अनुसंधानकर्ता जेमी फोस्टर इस बात का अध्ययन कर रही हैं कि लंबे अंतरिक्ष मिशनों के दौरान मानव स्वास्थ्य को मजबूत करने की उम्मीद में स्पेसफ्लाइट स्क्विड को कैसे प्रभावित करता है। फोस्टर ने यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई से डॉक्टरेट किया है।
स्क्विड का प्राकृतिक बैक्टीरिया से सहजीवी संबंध होता है जो उनकी जीवदीप्ति को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई की प्रोफेसर मारग्रेट मैकफॉल-नगई ने कहा कि जब अंतरिक्षयात्री बेहद कम गुरुत्वाकर्षण में रहते हैं तब सूक्ष्म जीवों के साथ उनके शरीर का संबंध बदल जाता है। फोस्टर ने 1990 के दशक में मारग्रेट मैकफॉल-नगई के नेतृत्व में अध्ययन किया है।
मैकफॉल-नगई ने कहा, ‘‘हमने पाया कि अल्प गुरुत्वाकर्षण में मनुष्यों का उनके जीवाणुओं के साथ सहजीवन गड़बड़ा जाता है और जेमी ने यह दिखाया है कि स्क्विड के मामले में यह सच है।’’ फोस्टर वर्तमान में नासा के एक कार्यक्रम के लिए फ्लोरिडा में प्रोफेसर और प्रधान जांचकर्ता हैं। कार्यक्रम के तहत अनुसंधानकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि कैसे अल्प गुरुत्वाकर्षण जीवों और जीवाणुओं के बीच संबंध को प्रभावित करता है।
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