देश की खबरें | नागल डेविस कप टीम में, युकी ने स्वीडन के खिलाफ मुकाबले से हटने का फैसला किया

नयी दिल्ली, 16 अगस्त भारत के शीर्ष एकल खिलाड़ी सुमित नागल की शुक्रवार को स्वीडन के खिलाफ विश्व ग्रुप एक मुकाबले के लिए डेविस कप टीम में वापसी हुई लेकिन युकी भांबरी ने 14-15 सितंबर के मुकाबले से बाहर रहने का विकल्प चुना है जिसमें पूर्व राष्ट्रीय चैम्पियन आशुतोष सिंह राष्ट्रीय टीम के नये कोच होंगे।

नागल इस्लामाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ ग्रास कोर्ट पर हुए ऐतिहासिक मुकाबले में नहीं खेल पाए थे लेकिन फॉर्म में चल रहे इस खिलाड़ी ने स्टॉकहोम में होने वाले इनडोर हार्ड कोर्ट मुकाबले के लिए राष्ट्रीय टीम की अगुआई की है।

शशिकुमार मुकुंद 476वें नंबर पर तीसरे सर्वोच्च रैंकिंग वाले खिलाड़ी हैं इसलिये उन्हें नहीं चुना गया है क्योंकि वह इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में खेलने से इनकार करने के कारण दो मुकाबले का निलंबन झेल रहे हैं।

नागल के अलावा रामकुमार रामनाथन, एन श्रीराम बालाजी, पाकिस्तान के खिलाफ पदार्पण करने वाले निकी पूनाचा और पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन सिद्धार्थ विश्वकर्मा टीम का हिस्सा हैं।

आर्यन शाह को रिजर्व खिलाड़ी चुना गया है।

रोहन बोपन्ना के संन्यास लेने के बाद युकी डेविस कप में भारत के नंबर एक युगल खिलाड़ी हैं। युकी उपलब्ध नहीं है तो रामकुमार को एकल और युगल दोनों में खेलने के लिए कहा जा सकता है।

चयन समिति के अध्यक्ष नंदन बाल ने पीटीआई को बताया, ‘‘युकी चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे और उन्होंने अपनी अनुपलब्धता का कोई कारण नहीं बताया है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उपलब्ध खिलाड़ियों की सूची दी गई थी और उनका नाम उसमें नहीं था इसलिए हमने उन खिलाड़ियों को चुना जो उपलब्ध थे।’’

एआईटीए के एक सूत्र ने कहा कि युकी इस बात से खुश नहीं थे कि उन्हें पेरिस ओलंपिक के लिए नहीं चुना गया।

सूत्र ने कहा, ‘‘बालाजी के साथ खेलने का फैसला रोहन का था। एआईटीए ने बस उस फैसले का समर्थन किया। वह शीर्ष-10 खिलाड़ियों में से एक थे और उन्हें अपना जोड़ीदार चुनने का विशेषाधिकार है इसके लिए एआईटीए को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। ’’

जब युकी से संपर्क किया गया तो उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने मुकाबले से बाहर होने का विकल्प चुना था लेकिन उन्होंने अपने फैसले का कारण नहीं बताया।

रोहित राजपाल भी टीम की कप्तानी के लिए वापसी करेंगे जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पाकिस्तान मुकाबले में नहीं उतरने का फैसला किया था।

सूत्र ने कहा, ‘‘हम सभी संयोजनों को आजमायेंगे। यह निकी और बालाजी तथा बालाजी और रामकुमार हो सकते हैं। हमने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। देखते हैं हम कहां तक पहुंचते हैं। ’’

एआईटीए के एक सूत्र ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने से लगातार इनकार करने के कारण कार्यकारी समिति ने मुकुंद को दो मुकाबलों के लिए निलंबित कर दिया था। उन्होंने लगातार तीन बार ऐसा किया इसलिए उन्हें दो मुकाबलों के लिए नहीं चुना जाना था। यह पहला मुकाबला है और अगले मुकाबले में भी उनके नाम पर विचार नहीं किया जायेगा।’’

जीशान अली के डेविस कप कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद एआईटीए के पास दिल्ली के खिलाड़ी आशुतोष सिंह और एम बालचंद्रन के रूप में दो विकल्प थे। आशुतोष अपने खेल के दिनों में सर्व-और-वॉली शैली के लिए जाने जाते थे, और एम बालचंद्रन, जो हाल ही में पुरुष युगल टीम के साथ पेरिस ओलंपिक में गए थे।

एआईटीए के सूत्र ने कहा, ‘‘कोच के चयन पर खिलाड़ियों के साथ चर्चा की गई और उनमें से अधिकांश चाहते थे कि आशुतोष ही कोच बनें। ’’

उन्होंने साथ ही कहा कि सोमदेव देववर्मन और आदित्य सचदेवा के नामों पर भी चर्चा हुई।

एआईटीए महासचिव अनिल धूपर ने कहा कि कार्यकारी समिति केवल कप्तान की नियुक्ति करती है और कोच की नियुक्ति महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा की जाती है।

धूपर ने कहा, ‘‘कप्तान रोहित राजपाल ने खिलाड़ियों के साथ इस पर चर्चा की थी और हमने इसे मंजूरी दे दी। कोच की नियुक्ति के लिए कार्यकारी समिति की बैठक की जरूरी नहीं थी। ’’

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