कोहिमा, एक सितंबर नगालैंड सरकार वन संरक्षण (संशोधन) अधिनियम और प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने को तैयार नहीं है। सरकार के प्रवक्ता और संसदीय मामलों के मंत्री केजी केन्ये ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के आवासीय परिसर में राज्य के शीर्ष आदिवासी निकायों और नागरिक समाज संगठनों के साथ सरकार की एक सलाहकार बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद केन्ये ने पत्रकारों से कहा कि कई नगा नागरिक समाज संगठनों और बुद्धिजीवियों ने चिंता व्यक्त की है कि ये अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 371ए के तहत गारंटीशुदा विशेष अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं।
अनुच्छेद 371ए नगालैंड में नगाओं को धार्मिक, सामाजिक प्रथाओं और भूमि व उसके संसाधनों के स्वामित्व तथा हस्तांतरण पर विशेष सुरक्षा प्रदान करता है।
केन्ये ने कहा कि बैठक के दौरान आदिवासी निकायों और नागरिक समाज संगठनों ने राज्य सरकार से राज्य में दोनों अधिनियमों को लागू नहीं करने का आग्रह किया।
केन्ये ने कहा कि राज्य सरकार 11 से 14 सितंबर तक निर्धारित विधानसभा के मानसून सत्र में अधिनियमों की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव लाएगी।
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