पलक्कड (केरल), 13 जून मीडिया पर निशाना साधने वाले अपने बयान के लिए आलोचनाओं से घिरे माकपा के प्रदेश सचिव एम टी गोविंदन ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी बात को गलत तरह से पेश किया गया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था कि राज्य में वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ खबरों के लिए मीडिया को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
गोविंदन ने कहा कि वह केवल कोच्चि के एक सरकारी स्वायत्त कॉलेज में अंकसूची विवाद के संबंध में माकपा की छात्र शाखा, एसएफआई के राज्य सचिव को दोषी ठहराने से जुड़े ‘षड्यंत्र’ का जवाब दे रहे थे।
एसएफआई नेता पी एम अर्शो की शिकायत पर पुलिस ने एक प्रमुख समाचार चैनल की महिला पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में गोविंदन ने कहा था कि रिपोर्टिंग के नाम पर सरकार विरोधी या एसएफआई विरोधी अभियान पर कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया की आलोचना वाले उनके बयान की विपक्षी दलों और मीडिया जगत के लोगों ने निंदा की।
माकपा के प्रदेश सचिव ने अपनी आलोचनाओं पर आज प्रतिक्रिया देते हुए उनके बयान से जुड़ी खबरों को पूरी तरह बेतुका करार दिया।
गोविंदन के मुताबिक उन्होंने ऐसा नहीं कहा कि राज्य सरकार की निंदा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सभी को सरकार की निंदा करने का अधिकार है।’’
उन्होंने सफाई दी कि उन्होंने कहा था कि अंकसूची विवाद में एसएफआई के राज्य सचिव अर्शो के खिलाफ साजिश में अगर मीडिया कर्मी लिप्त पाए जाते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह अपने इस बयान पर कायम हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरह से पेश किया।
गोविंदन ने कहा कि अर्शो के खिलाफ साजिश रची गई है और इसकी जांच की जानी चाहए तथा जो भी इसमें लिप्त पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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