चंडीगढ़, चार अगस्त संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर प्रदीप सिंह का कहना है कि उनके लिए नौकरी और परीक्षा की तैयारी में संतुलन कायम करना काफी कठिन रहा तथा कई बार ऐसा लगा कि उनका ध्यान हट रहा है, लेकिन ऐसे में उनके पिता उन्हें हमेशा प्रेरित करते थे।
हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी 29 वर्षीय सिंह का सिविल सेवा परीक्षा में यह चौथा प्रयास था। 2019 में वह भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के लिए चुने गए थे।
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वह फरीदाबाद में राष्ट्रीय अकादमी सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं स्वापक विभाग में परिवीक्षा पर थे।
उन्होंने प्रतिष्ठित सिविल सेवा के लिए चुने गए 829 अभ्यर्थियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है जिसमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है।
इस उपलब्धि को ‘‘सपना सच होने’’ जैसा करार देते हुए सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाना चाहते हैं और समाज के गरीब तथा वंचित तबके के लिए काम करने को उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए अध्ययन में निरंतरता और एकाग्रचित्तता बहुत जरूरी है।
सिंह ने पीटीआई- से कहा, ‘‘यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। यह मेरे लिए सुखद आश्चर्य है। मैं हमेशा से आईएएस अधिकारी बनना चाहता था। मैं समाज के गरीब और वंचित तबके के लिए काम करना चाहूंगा।’’
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