जरुरी जानकारी | त्योहारी मांग से सरसों, सोयाबीन, सीपीओ और बिनौला मजबूत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जाड़े और शादी विवाह के मौसम की मांग के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और बिनौला तेल के भाव मजबूती दर्शाते बंद हुए।
नयी दिल्ली, 18 नवंबर जाड़े और शादी विवाह के मौसम की मांग के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और बिनौला तेल के भाव मजबूती दर्शाते बंद हुए।
किसानों द्वारा पूर्व सालों के मुकाबले नीचे बाजार भाव मिलने की वजह से मंडियों में कम बिकवाली करने और ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन, आयातित सोयाबीन डीगम तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। जाड़े में मांग कमजोर रहने के बीच पामोलीन तेल भी पूर्ववत बना रहा।
कारोबारी सूत्रों ने कहा कि वैसे किसानों को सोयाबीन के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक ही मिल रहे हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षो में इन किसानों को अपनी ऊपज के लिए एमएसपी से भी काफी अधिक दाम मिले हैं जिस वजह से इस बार वे मंडियों में अपनी कम ऊपज को ला रहे हैं। केवल छोटी जोत के किसान ही पैसों की जरुरत की वजह से अपने माल बेच रहे हैं। यही कारण है कि सोयाबीन दाना एवं लूज (तिलहन), सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर तेल के दाम मजबूत बंद हुए।
दूसरी ओर सोयाबीन डीगम तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए जहां इस तेल को रिफाइंड कर बेचने में थोक विक्रेताओं को मामूली नुकसान हो रहा है।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में किसानों की ओर से कपास और सोयाबीन की कम आवक हो रही है। कपास के मामले में तो जिनिंग मिलों को माल कम मिलने की समस्या है और वे अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रही हैं।
एमएसपी से ऊंचा दाम मिलने के बावजूद पहले की तरह किसानों को अत्यधिक ऊंचा दाम नही मिलने के बाद किसानों ने अपनी आवक घटा दी है।
दूसरी ओर देश की मंडियों में सरसों और मूंगफली के दाम एमएसपी से कम मिलने से किसान परेशान हैं। हालांकि सरकार की ओर से दीवाली के बाद मूंगफली खरीद करने की बात की गई थी किसान उसका भी इंतजार कर रहे हैं। सरसों और मूंगफली का एमएसपी से नीचे बिकना कोई अच्छी बात नहीं है यह देश के तिलहन उत्पादन को प्रभावित करेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताहांत में सूरजमुखी तेल का भाव 955-960 डॉलर प्रति टन था जो इस बार बढ़कर 1,010-1,015 डॉलर प्रति टन हो गया है।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,750-5,800 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,650-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,305-2,590 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,750 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,825 -1,920 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,825 -1,935 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,525 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,325 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,475 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,300 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,375-5,425 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,175-5,225 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2023 07:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

