सोशल मीडिया मंच की पैरवी करने वाले एक वकील ने 20 जुलाई को ‘सेंटर फॉर काउंटरिंग डिजिटल हेट’ (सीसीडीएच) को पत्र लिखकर घृणा भाषण तथा कॉन्टेंट मॉडरेशन में गैर-लाभकारी संगठन के अनुसंधान पर कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी।
कॉन्टेंट मॉडरेशन उपयोगकर्ता-जनित सामग्री के लिए तय नियमों और दिशानिर्देशों को लागू करने पर नजर रखने की प्रक्रिया है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि संचार (विशेष रूप से कोई पोस्ट) स्वीकार्य है या नहीं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ऐसा लगता है कि सीसीडीएच का अनुसंधान ‘‘उत्तेजक दावे करके मंच से विज्ञापनदाताओं को दूर कर ट्विटर के कारोबार को नुकसान’’ पहुंचाना चाहता है।
सीसीडीएच एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसके अमेरिका तथा ब्रिटेन में कार्यालय हैं। वह आए दिन एक्स, टिकटॉक या फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों पर घृणा भाषण, चरमपंथ या नुकसानदायक बर्ताव पर रिपोर्ट प्रकाशित करता रहता है।
सेंटर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी इमरान अहमद ने सोमवार को बताया कि उनके समूह को सोशल मीडिया, घृणा भाषण तथा चरमपंथ के बीच संबंध का अध्ययन करने के इतिहास के बावजूद किसी भी प्रौद्योगिकी कंपनी से कभी ऐसी प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मस्क हमें चुप कराने में कामयाब हो जाते हैं तो अगली बारी अन्य अनुसंधानकर्ताओं की होगी।’’
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