देश की खबरें | बिहार पुलिस की जांच में मुंबई पुलिस की अड़ंगेबाजी ने जांच की शुचिता पर संदेह खड़े किये: न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ‘अस्वाभाविक मृत्यु’ से संबंधित मामले के रिकार्ड से पहली नजर में मुंबई पुलिस द्वारा ‘कुछ गलत किये जाने का संकेत’’ नहीं मिलता है लेकिन बिहार पुलिस के काम में अड़ंगेबाजी से वह बच सकती थी क्योंकि इसने ही इस जांच की शुचिता पर संदेह खड़े किये।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 19 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ‘अस्वाभाविक मृत्यु’ से संबंधित मामले के रिकार्ड से पहली नजर में मुंबई पुलिस द्वारा ‘कुछ गलत किये जाने का संकेत’’ नहीं मिलता है लेकिन बिहार पुलिस के काम में अड़ंगेबाजी से वह बच सकती थी क्योंकि इसने ही इस जांच की शुचिता पर संदेह खड़े किये।

शीर्ष अदालत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ राजपूत की हत्या के सिलसिले में पटना में दर्ज प्राथमिकी की सीबीआई द्वारा की जा रही जांच को मंजूरी देते हुये कहा कि मुंबई पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है और वह दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत जांच कर रही है, जो अस्वाभाविक मृत्यु के कारणों का पता लगाने तक सीमित है।

यह भी पढ़े | Adhir Ranjan Chaudhry: कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा पत्र, संसद की कार्यवाही में वर्चुअल माध्यम शामिल होने की मांगी अनुमति.

न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने अपने फैसले में कहा कि रिया चक्रवर्ती के वकील ने मुंबई पुलिस में भरोसा व्यक्त किया है जबकि बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता का दावा है कि वह असली तथ्यों को दबा रही है और पेशेवर तरीके से जांच नहीं कर रही है।

न्यायालयय ने कहा कि राजपूत के पिता और बिहार सरकार ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस राजनीतिक दबाव में असली दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है जबकि महाराष्ट्र सरकार ने इन आरोपों का जोरदार तरीके से प्रतिवाद किया है और उसका कहना है कि पटना पुलिस को इस अपराध की जांच का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह मुंबई में हुआ हैं।

यह भी पढ़े | सुशांत सिंह राजपूत केस: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया: 19 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

न्यायालय ने कहा कि इस मामले में मुंबई पुलिस बगैर प्राथमिकी दर्ज किये ही धारा 174 के दायरे को खींचने का प्रयास कर रही है और इसीलिए ऐसा लगता है कि मुंबई पुलिस एक संज्ञेय अपराध की जांच नहीं कर रही है। इसलिए यह कहना जलदबाजी होगी कि मुंबई पुलिस समानांतर जांच कर रही है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि मुंबई में भावी स्थिति की अनिश्चितता को देखते हुये ही राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने पटना में दायर शिकायत में चक्रवर्ती के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी।

न्यायालय ने कहा कि बिहार सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में ले लिया है। याचिकाकर्ता को सीबीआई जांच में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वह बिहार सरकार और पटना पुलिस द्वारा उठाये गये कदमों को लेकर सशंकित है।

न्यायालय ने कहा कि चक्रवर्ती की याचिका लंबित होने के दौरान ही पटना में दर्ज प्राथमिकी बिहार सरकार की सहमति से सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गयी है।

अनूप

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\