नयी दिल्ली, 15 अगस्त राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऐतिहासिक लाल किला की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे ।
पुलिस ने बताया कि दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा। यहां मुगलकालीन लाल किले के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और लगभग 1000 कैमरे लगाए गए हैं जिनमें चेहरे से पहचान करने वाली ‘फेस रिकग्निशन’ की सुविधा है। साथ ही लाल किला और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए वीडियो विश्लेषण प्रणाली की भी व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल के आसपास 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए हैं । खुफिया जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण इमारतों पर अतिरिक्त तैनाती की गई हैं ।
लाल किला के आसपास समारोह के संपन्न होने तक यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता सुमन नालवा ने बताया, ‘‘दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं जिसके लिए करीब तीन माह पहले से अभ्यास किया गया है। आयोजन स्थल के समीपवर्ती जिलों में कई जगहों पर विभिन्न तरीकों से जांच की गई।’’
उन्होंने बताया ‘‘जगह-जगह चेहरे से पहचान करने वाली एआई (कृत्रिम मेधा) आधारित ‘फेस रिकग्निशन’ सुविधा वाले कैमरे लगाए गए हैं तथा सुरक्षा के लिए ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।’’
नालवा ने बताया ‘‘यातायात के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यातायात पुलिस ने भी परामर्श जारी किया है। हम लोगों से परामर्श का पालन करने का अनुरोध करते हैं। सोमवार की रात से भारी वाहनों के लिए दिल्ली की सीमाएं बंद कर दी गईं जबकि शहर में प्रवेश करने वाले अन्य वाहनों की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।’’
लाल किला के सामने ज्ञान पथ को फूलों से सजाया गया है और जी20 के बोर्ड लगे हैं। उस स्थान पर हालांकि अधिक सजावट नहीं की गई है जहां से प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
लाल किले पर समारोह में शामिल होने के लिए देश भर से करीब 1,800 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से 75 जोड़ों को आमंत्रित किया गया है, जो अपने परंपरागत परिधानों में आएंगे। विशिष्ट अतिथियों में जीवंत गांवों के सरपंच, नर्स, मछुआरे तथा सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण कार्य से संबद्ध श्रमिक भी शामिल हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में 20,000 से अधिक अधिकारी और आम लोग शामिल हो रहे हैं ।’’
विशेष पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) एच जी एस धालीवाल ने बताया कि बलों की सभी इकाइयां अलर्ट पर हैं। उन्होंने कहा ‘‘सभी संबद्ध एजेंसियों के साथ मिल कर पूरी जांच की जा रही है। यह एक बड़ा आयोजन है और सभी इकाइयां अपने-अपने काम कर रही हैं। तीन सप्ताह में जी20 सम्मेलन होगा जिसकी वजह से अधिक संवेदनशील स्थिति है। हमने देखा कि गणतंत्र दिवस समारोह से एक सप्ताह पहले पश्चिमी दिल्ली में कुछ दीवारों पर देश विरोधी और खालिस्तान समर्थक कुछ बातें लिखी गई थीं। इस संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।’’
पुलिस ने बताया कि हरियाणा के नूंह और आसपास के इलाकों में हाल में हुई हिंसा को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता बरती जा रही है।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने बताया, ‘‘इस साल स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा और कोविड संबंधी पाबंदी नहीं है, इसलिए पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती सुनिश्चित की गई है। हम अन्य एजेंसियों के साथ सूचनाएं साझा कर रहे हैं।’’
कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है जिसमें एनएसजी के स्नाइपर, स्वाट कमांडो दस्ता, श्वान इकाई, शार्पशूटर की तैनाती शामिल हैं। लाल किला पर ड्रोन रोधी प्रणालियां स्थापित की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से लगी सीमाओं पर गहन जांच की जा रही है और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में बाधा डालने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी ।
लाल किला के आसपास के इलाके को समारोह समाप्त होने तक ‘नो काइट ज़ोन‘ (पतंग उड़ाने के लिए निषिद्ध) क्षेत्र घोषित किया गया है। किले के आसपास के इलाकों में स्थित इमारतों की छतों पर और संवेदनशील स्थानों पर 153 पतंगबाज़ों और पतंग पकड़ने वालों को तैनात किया गया है।
लाल किला के समीप रहने वालों को समारोह संपन्न होने तक पतंग नहीं उड़ाने के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के दौरान 2017 में उनके मंच के करीब ही एक पतंग गिरी थी। प्रधानमंत्री ने हालांकि अपना संबोधन जारी रखा था ।
विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने बताया था कि महत्वपूर्ण स्थानों जैसे राजघाट, आईटीओ और लाल किला में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 पहले ही लगा दी गई है। पंद्रह अगस्त को लाल किले पर कार्यक्रम समाप्त होने तक कोई भी पतंग, गुब्बारा या चीनी कंदील उड़ाता हुआ पाया गया तो उसे दंडित किया जाएगा।
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