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देश की खबरें | एमएसआरटीसी हड़ताल: महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विशेष समिति के गठन पर जीआर जारी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए तीन सदस्यीय एक विशेष समिति के गठन की अधिसूचना जारी की जबकि वर्तमान हड़ताल 223 डिपो तक फैल गयी जिससे लाखों यात्रियों को बड़ी असुविधा हुई।

देश की खबरें | एमएसआरटीसी हड़ताल: महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विशेष समिति के गठन पर जीआर जारी किया

मुंबई, आठ नवंबर बंबई उच्च न्यायालय के निर्देश पर सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के लिए तीन सदस्यीय एक विशेष समिति के गठन की अधिसूचना जारी की जबकि वर्तमान हड़ताल 223 डिपो तक फैल गयी जिससे लाखों यात्रियों को बड़ी असुविधा हुई।

एमएसआरटीसी कर्मचारियों का एक वर्ग निगम के राज्य सरकार में विलय की मांग करते हुए 28 अक्टूबर से काम पर नहीं आ रहा है। आज इससे पहले दिन में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर उनकी मांगों पर विचार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन करे तथा आज शाम तक समिति गठित करने के लिए सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी करे।

जीआर के अनुसार एमएसआरटीसी कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों का दर्जा देने की मांग पर विचार करने के लिए गठित की गयी इस विशेष समिति के अगुवा महाराष्ट्र के मुख्य सचिव होंगे। उसके दो अन्य सदस्य अवर मुख्य सचिव (वित्त) एवं अवर मुख्य सचिव (परिवहन) होंगे।

जीआर के अनुसार समिति सभी 28 श्रमिक संगठनों एवं कर्मचारियों की बात सुनेगी तथा अपना फीडबैक एवं सिफारिशें मुख्यमंत्री को सौंपेगी। जीआर के अनुसार एमएसआरटीसी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इस समिति के लिए समन्वयक के रूप में कार्य करेंगे लेकिन वह निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे।

जीआर के मुताबिक समिति की सिफारिशों पर गौर करने के बाद मुख्यमंत्री राज्य सरकार की राय या रूख के बारे में एक रिपोर्ट उच्च न्यायालय में सौंपेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 12 सप्ताह की समयसीमा तय की गयी है और समन्वयक से हर पंद्रह दिन पर उच्च न्यायालय को चीजों से अवगत कराने को कहा गया है।

न्यायमूर्ति एस जे कथावाला और न्यायमूर्ति एस पी तावड़े की अवकाशकालीन पीठ ने एमएसआरटीसी द्वारा हड़ताल के खिलाफ दायर एक याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा कि हालांकि अपने पिछले आदेशों में उसने श्रमिकों को फिर से काम शुरू करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब और कोशिश की जा रही है, ताकि एमएसआरटीसी कर्मचारियों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सके।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने पिछले सप्ताह कहा था कि एमएसआरटीसी का राज्य सरकार में विलय की मांग एवं घाटे में चल रहे निगम से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा दिवाली के बाद होगी।

अधिकारियों ने कहा कि रविवार को हड़ताल के चलते पूरे महाराष्ट्र में 120 डिपो बंद थे, लेकिन सोमवार से यह संख्या बढ़कर 223 हो गई, जिसमें मुंबई क्षेत्र के कुछ डिपो भी शामिल हैं। रविवार से पहले करीब 30 डिपो बंद से प्रभावित थे।

एक अधिकारी के मुताबिक एमएसआरटीसी के मुंबई क्षेत्र में 45 में से 14 डिपो काम कर रहे थे जबकि पुणे में 55 में से आठ पर काम चल रहा था।

दिवाली खत्म होने के बाद लाखों यात्रियों को परेशानियां हुई कयोंकि उन्हें छुट्टियों के बाद अपने गंतव्यों तक जाने के लिए निजी बसों पर निर्भर रहना पड़े।

एमएसआरटीसी देश में सबसे बड़े राज्य परिवहन निगमों में एक है जहां 16000 से अधिक बसों का बेड़ा एवं करीब 93000 कर्मचारी है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2021 09:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).