देश की खबरें | मोदी सरकार द्वारा घोषित एमएसपी किसानों के लिए नुकसानदायक: एआईकेएस

नयी दिल्ली, आठ जून ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने बृहस्पतिवार को खरीफ सत्र के लिए हाल में घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र की आलोचना की और आरोप लगाया कि इससे किसानों को ‘‘भारी नुकसान’’ हो रहा है।

केंद्र सरकार ने एक दिन पहले खरीफ सत्र 2023-24 के लिए एमएसपी की घोषणा की थी।

एआईकेएस ने एक बयान में कहा, ‘‘एमएसपी की घोषणा अनुचित है, किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरती है और उनकी आय को नुकसान पहुंचाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय को दोगुना करने का दावा किया है लेकिन अनुचित एमएसपी के साथ बढ़ती लागत किसानों को कर्ज के बोझ तले दबा देगी।’’

एआईकेएस के अध्यक्ष अशोक धवले ने कहा, ‘‘यह अभी भी एक ‘चुनावी जुमला’ बना हुआ है। इस फार्मूले के मुताबिक एक भी फसल के लिए एमएसपी तय नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘‘सी2 प्लस 50 फीसदी’’ लागू नहीं करने से धान किसानों को करीब 683.5 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हुआ है।

‘‘सी2 प्लस 50 फीसदी’’ का अर्थ उत्पादन लागत और उसके 50 प्रतिशत का योग है।

एआईकेएस के महासचिव विजू कृष्णन ने कहा, ‘‘अरहर, मूंग, उड़द, सूरजमुखी, तिल और कपास आदि में प्रति क्विंटल नुकसान लगभग 2,000 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 3,000 रुपये प्रति क्विंटल से भी अधिक है।’’

एआईकेएस की गणना के अनुसार, ज्वार की फसल पर नुकसान 1,069 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा पर 216 रुपये प्रति क्विंटल, अरहर पर 1989 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द पर 2,408 रुपये प्रति क्विंटल है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)