देश की खबरें | मप्र विस उपचुनाव : कांग्रेस ने 15 उम्मीदवार घोषित किए, भाजपा और बसपा से आए छह लोगों को मिला टिकट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार को 15 उम्मीदवार घोषित कर दिए। इनमें से चार उम्मीदवार ऐसे हैं, जो कभी भाजपा में रह चुके हैं और दो प्रत्याशी पूर्व में बसपा में रह चुके हैं। पार्टी ने 40 प्रतिशत टिकट दूसरे दलों से आए नेताओं को देकर उन पर भरोसा जताया है।
भोपाल, 11 सितंबर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार को 15 उम्मीदवार घोषित कर दिए। इनमें से चार उम्मीदवार ऐसे हैं, जो कभी भाजपा में रह चुके हैं और दो प्रत्याशी पूर्व में बसपा में रह चुके हैं। पार्टी ने 40 प्रतिशत टिकट दूसरे दलों से आए नेताओं को देकर उन पर भरोसा जताया है।
पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन 15 उम्मीदवारों के नामों को स्वीकृति प्रदान की।
यह भी पढ़े | Swami Agnivesh Died: स्वामी अग्निवेश का 80 साल की उम्र में निधन, ILBS अस्पताल में ली आखिरी सांस.
कांग्रेस ने दिमनी से रवींद्र सिंह तोमर, अंबाह से सत्यप्रकाश सिकरवार, गोहद से मेवाराम जाटव, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, भांडेर से फूल सिंह बरैया, करैरा से प्रागीलाल जाटव, बमोरी से कन्हैयालाल अग्रवाल, अशोकनगर से आशा दोहरे, अनूपपुर से विश्वनाथ सिंह कुंजम, सांची से मदनलाल चौधरी अहिरवार, आगर से विपिन वानखेड़े, हाटपिपलिया से राजवीर सिंह बघेल, नेपानगर से राम किशन पटेल और सांवेर से प्रेमचंद गुड्डू को टिकट दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के तीन अन्य विधायक भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं।
इस प्रकार मध्य प्रदेश की 27 सीटों में 25 सीट कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने और पाला बदलकर भाजपा में आने के कारण रिक्त हुई हैं, जबकि दो सीटें जौरा एवं आगर भाजपा एवं कांग्रेस के एक-एक विधायक के निधन से रिक्त हुई हैं।
प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से भाजपा के 107 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 25 विधायकों के त्यागपत्र देने के बाद उनकी संख्या घटकर 89 रह गई है। इनके अलावा, चार निर्दलीय विधायक हैं, जबकि दो बसपा एवं एक विधायक सपा का है।
रावत
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)