देश की खबरें | मप्र, उप्र के अनेक हिस्से बाढ़ प्रभावित, दिल्ली में यमुना का जल स्तर कम होने की संभावना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद कई इलाके जलमग्न हो गये हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में 792 गांव शनिवार को बाढ़ से प्रभावित रहे।
नयी दिल्ली, 29 अगस्त मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद कई इलाके जलमग्न हो गये हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में 792 गांव शनिवार को बाढ़ से प्रभावित रहे।
ओडिशा में महानदी का जल स्तर बढ़ने के कारण शनिवार को कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। छत्तीसगढ़ में इसके ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही हीराकुंड बांध के 44 जलद्वार खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार भारत में अगस्त के महीने में पिछले 44 साल में सबसे ज्यादा बारिश हुई है जहां देश के अनेक हिस्सों में बाढ़ की स्थिति है।
आईएमडी ने मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में और भी ज्यादा भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दिल्ली में यमुना शनिवार सुबह भी खतरे के निशान के करीब बहती रही, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर के घटने की संभावना है।
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पुराने रेल पुल पर सुबह 10 बजे जल स्तर 204.23 मीटर था। शुक्रवार को शाम 5 बजे यह 204.41 मीटर और बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे 203.77 मीटर था।’’
हरियाणा के यमुनानगर जिले के हथनीकुंड बैराज से सुबह 8 बजे 7,173 क्यूसेक की दर से यमुना में पानी छोड़ा जा रहा था। शुक्रवार को शाम 4 बजे प्रवाह दर 13,871 क्यूसेक थी, जो पिछले 24 घंटों में अधिकतम थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में प्रवाह दर 10,000 क्यूसेक से 25,000 क्यूसेक के बीच बनी हुई है, जो बहुत अधिक नहीं है।’’
एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है।
बैराज से छोड़े गए पानी को आम तौर पर राजधानी तक पहुंचने में दो-तीन दिन लगते हैं। इसी बैराज से दिल्ली को पीने का पानी प्रदान किया जाता है।
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में बारिश के कारण शुक्रवार को जल स्तर बढ़ गया।
पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए दो गोताखोरों के साथ 24 नौकाएं तैनात की हैं।
पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण होशंगाबाद सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ आ गई है। स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए शनिवार को सेना और एनडीआरएफ को उतारा गया।
अधिकारियों ने बताया कि सीहोर और छिंदवाड़ा जिलों में भारी बारिश हो रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को लगभग डेढ़ घंटे तक नर्मदा नदी के तट पर बसे होशंगाबाद तथा सीहोर जिलों के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
आईएमडी ने बताया कि होशंगाबाद में शनिवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 208 मिमी बारिश दर्ज की गयी। इसी अवधि में होशंगाबाद जिले में प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल पचमढ़ी और छिंदवाड़ा में क्रमश: 228 मिमी और 142 मिमी बारिश दर्ज की गयी है।
विशेषकर होशंगाबाद और सीहोर जिलों में बाढ़ के कारण कई लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं।
होशंगाबाद के संभागायुक्त रजनीश श्रीवास्तव ने फोन पर ‘पीटीआई-’ को बताया कि जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये सेना से मदद मांगी है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2020 10:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

