देश की खबरें | कोविड-19 की मार से मप्र को अप्रैल और मई में 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान : मुख्यमंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 के प्रकोप से मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को अप्रैल और मई में 26,000 करोड़ रुपये के बड़े नुकसान का अनुमान जताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि इस क्षति की भरपाई के लिये राजस्व वृद्धि के नये उपायों का खाका तैयार किया जा रहा है।

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इंदौर, आठ जून कोविड-19 के प्रकोप से मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को अप्रैल और मई में 26,000 करोड़ रुपये के बड़े नुकसान का अनुमान जताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि इस क्षति की भरपाई के लिये राजस्व वृद्धि के नये उपायों का खाका तैयार किया जा रहा है।

चौहान ने यहां संवाददाताओं से कहा, "कोविड-19 के प्रकोप के चलते कई करों की वसूली नहीं हो पा रही है और प्रदेश की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। राज्य को केवल अप्रैल और मई में 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।"

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उन्होंने हालांकि कहा, "हम राजस्व वसूली में गिरावट के चलते बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और अन्य जनहितैषी कार्य रुकने नहीं देंगे। हम नये आर्थिक उपायों के जरिये अतिरिक्त सरकारी राजस्व जुटाने की योजना बना रहे हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाधिक प्रभावित इंदौर जिले समेत पूरे प्रदेश में कोविड-19 के प्रकोप पर काबू पा लिया गया है।

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उन्होंने बताया कि इलाज के बाद इंदौर जिले में इस महामारी के संक्रमण से मरीजों के मुक्त होने की दर (रिकवरी रेट) बढ़कर 64 प्रतिशत पर पहुंच गयी है, जबकि पूरे प्रदेश में यह दर औसतन 68 फीसद के स्तर पर है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार स्कूल-कॉलेज खोलने के बारे में इस महीने के मध्य में हालात की समीक्षा करेगी और इसके बाद उचित फैसला किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब तक सूबे के स्कूल बंद रहेंगे, वे विद्यार्थियों के पालकों से केवल ट्यूशन फीस वसूल सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इंदौर और भोपाल में धार्मिक स्थल दोबारा खोलने की अनुमति पर प्रशासनिक अधिकारी आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों से सलाह-मशविरे के बाद उचित फैसला करेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ने इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से गेहूं खरीदने के मामले में पंजाब को भी पछाड़ दिया है और इस प्रक्रिया से जुड़े अन्नदाताओं के खातों में 24,000 करोड़ रुपये पहुंचाये जा रहे हैं जिससे बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है।

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